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Sikar News//टीचर ने बेटे की शादी बिना दहेज करके बहू को तोहफे में दिया कार और उसके बाद लोगों ने दिया शाबाशी.

 

राजस्थान के सीकर जिले के गांव रोलसाबसर के सरकारी स्कूल के एक शिक्षक ने बेटे की शादी में अनूठी मिसाल पेश की है। शिक्षक ने पहले तो साफ्टवेयर इंजीनियर बेटे की शादी बिना दहेज की और फिर बहू को बेटी मानकर शादी के तोहफे के रूप में कार भेंट की। जानकारी के अनुसार सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी उपंखड के गांव ढांढ़ण निवासी विधाधर भास्कर गांव रोलसाहबसर के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक में वरिष्ठ अध्यापक हैं।

विद्याधर भास्कर ने 4 फरवरी 2020 को अपने साफ्टवेयर इंजीनियर बेटे भास्कर राम की शादी फतेहपुर के गांव रामगढ़ गुदड़वास के सेवानिवृत सूबेदार राजपाल जाखड की बेटी नीलम जाखड़ हुई। नीलम जयपुर के सुबोध कॉलेज से भौतिक शास्त्र में एमएससी कर रही है।

भास्कर राम और नीलम की शादी धूमधाम से हुई। विद्याधर भास्कर ने बेटे के शादी में दहेज नहीं लेकर समाज को अच्छा संदेश दिया। इसके अगले दिन पांच फरवरी को गांव ढांढ़ण में बहू का मुंह दिखाई की रस्म में हुंडई कार भेंट की। विद्याधर भास्कर के इस फैसले ही समाज और पूरे जिले में काफी सराहना हो रही है। शिक्षक विधाधर भास्कर ने बताया कि साफ्टवेयर इंजीनियर बेटे के लिए संबंध देखने शुरू किए तब कई रिश्ते आए। कोई दहेज में कार तो कोई प्लाट देने का प्रस्ताव दे रहा था। नकद राशि के भी प्रस्ताव आए, मगर मैंने तय ​कर लिया था देवभाषा संस्कृत और शास्त्रों से दहेज के खिलाफ शिक्षा ली है। इसे खुद अपने जीवन में उतारूंगा तथा बिना दहेज के अपने बेटे की शादी करूंगा।

 

सीकर के गांव ढांढ़ण के पूर्व सरपंच जगदीश प्रसाद शर्मा कहते हैं कि शिक्षक विधाधर भास्कर द्वारा पुत्रवधु को बेटी मानकर कार गिफ्ट करने की पहल से बेटा और बेटी को लेकर समाज की सोच बदलेगी। इसके अलावा दहेज प्रताड़ना जैसे विवादों में भी कमी आएगी। ससुर द्वारा शादी में दहेज नहीं लेकर और फिर मुझे बेटी मानकर कार भेंट करने से मैं अभिभूत हूं। आज जहां बेटी को दहेज में कार दी जाती है। वहीं, ससुर द्वारा बहू को कार देना एक अनोखी पहल है। मुझे ऐसा लग रहा है कि शादी के बाद भी मैं पीहर में ही हूं। मुझे दो दो माता-पिता का आर्शीवाद मिला है।