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छाया Howdy Modi, कार्यक्रम को बताया ऐतिहासिक

अमेरिका और यूरोप के मीडिया संस्थानों ने एक तरफ मोदी-ट्रंप के इस मुलाकात और हाउडी मोदी कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया. वहीं, चीन, मध्य एशिया और पाकिस्तान की मीडिया ने कार्यक्रम से अलग मोदी के विरोध की खबर को उठाया है.

अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी छाया Howdy Modi, बताया ऐतिहासिक
हाउडी मोदी कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (फोटो-रायटर्स)
  • नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप ने एकदूसरे की भरपूर तारीफ की
  • दोनों देशों के लिए इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अमेरिका के ह्यूस्टन में हुए हाउडी मोदी कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने हाथों-हाथ लिया है. अमेरिका और यूरोप के मीडिया संस्थानों ने जहां एक तरफ मोदी-ट्रंप के इस मुलाकात और हाउडी मोदी कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया. वहीं, चीन, मध्य एशिया और पाकिस्तान की मीडिया ने कार्यक्रम से अलग मोदी के विरोध की खबर को उठाया है. आइए…जानते हैं कि दुनियाभर के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने हाउडी मोदी कार्यक्रम को किस प्रकार प्रकाशित किया है और उनका क्या नजरिया है.

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यूएसए टुडेः ये मोदी-ट्रंप का ब्रोमांस है…

हाउडी मोदी कार्यक्रम में अमेरिका के लोगों ने पहली बार किसी रैली में इतने लोगों को एकसाथ देखा है. जब हाउडी मोदी के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एकसाथ आए तो अमेरिका में रहने वाले भारतीय मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे. ट्रंप ने मोदी को विश्व स्तर का नेता कहा. वहीं, मोदी ने मंच से ट्रंप को भारत का दोस्त बताया. कहा- भारत में जब मेक इन इंडिया शुरू हुआ तो ट्रंप ने भी मेक अमेरिका ग्रेट अगेन का नारा दिया. अमेरिका में अब ‘नमो अगेन’ (मोदी दोबारा) की तर्ज पर ट्रंप के लिए भी नारा बन रहा है. इस मंच पर दोनों नेताओं ने ब्रोमांस दिखाया है. ब्रोमांस का मतलब दो भाइयों का आपसी भाईचारा.

वॉल स्ट्रीट जर्नलः ये भारत-अमेरिका का त्योहार था…

ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में हुए हाउडी मोदी कार्यक्रम में दोनों देशों ने अपने सपने और सुनहरे भविष्य को साझा किया है. ये दोनों देशों के लिए त्योहार जैसा था. करीब 50 हजार लोगों के सामने अमेरिका ने भारतीय विभिन्नताओं के एकसाथ देखा. अमेरिका में करीब 44 लाख भारतीय रहते हैं. ये लोग अमेरिकी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का काम करते हैं. इसलिए मोदी का यह कार्यक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अगले चुनाव के लिए संजीवनी का काम कर सकती है. इस कार्यक्रम के जरिए दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र मिलकर चीन के उस सपने को तोड़ना चाह रहे हैं जिसमें वह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाना चाहता है.

वॉशिंगटन पोस्टः ट्रंप ने ईगो छोड़कर साझा किया मंच

अमेरिका की विदेश नीति को लेकर अमेरिका में पहले से ही तनाव चल रहा है. इसके पीछे कारण है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईगो. लेकिन इस बार ट्रंप ने ईगो छोड़कर पीएम मोदी के साथ मंच साझा किया. दोनों ने एकदूसरे की जमकर तारीफ की. मोदी ने कहा कि इस ग्रह (पृथ्वी) पर ट्रंप का नाम हर एक इंसान जानता है. इसलिए, अबकी बार, ट्रंप सरकार. क्योंकि ट्रंप पहले सीईओ थे और अब कमांडर-इन-चीफ. ट्रंप का नाम पूरी दुनिया में लोग जानते हैं. उन्हें बोर्डरूम से ओवल ऑफिस तक और स्टूडियो से वैश्विक मंच तक पूरी दुनिया जानती है.

बीबीसीः ट्रंप ने कहा कि मोदी की यह रैली ऐतिहासिक है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ह्यूस्टन रैली ऐतिहासिक है. हाउडी मोदी अमेरिका के इतिहास में किसी विदेशी नेता का सबसे बड़ा कार्यक्रम था. इस 90 मिनट के कार्यक्रम में 400 परफॉर्मर्स थे. मोदी ने जब ट्रंप को गले लगाया तो पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज गया. इस रैली से दोनों नेताओं को उनके-उनके देशों में बड़ा लाभ मिलेगा. संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में मोदी अमेरिका के साथ चल रहे ट्रेड वॉर को खत्म करने की कवायद करेंगे. इसके पीछे कारण ये हैं कि ट्रंप ने हाउडी मोदी मंच से पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री ने भारत में बेहतरीन काम किया है.

द गार्जियनः हाउडी मोदी में नहीं दिखा भारत-अमेरिका का ट्रेड वॉर

तेजी से बजते संगीत के बीच जब नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप हाथ में हाथ डाले स्टेडियम में आए और मंच तक एकसाथ गए, तभी पूरी दुनिया को यह संदेश चला गया कि यह दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र की दोस्ती है. इनके बीच, कोई ट्रेड वॉर नहीं दिख रहा है. ट्रंप ने इस मंच से बताया कि कैसे भारत में अमेरिकी उत्पादों का निर्यात बढ़ा है. इसकी ठीक उलट भारत ने अमेरिका में जितना निवेश किया है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. इसी तरह हम भी भारत में निवेश कर रहे हैं. भारत और अमेरिका बेहद अच्छे दोस्त थे, हैं और रहेंगे भी.

अल जजीराः स्टेडियम के बाहर हजारों कर रहे थे मोदी के खिलाफ प्रदर्शन

ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में जब अंदर हाउडी मोदी कार्यक्रम चल रहा था, तभी स्टेडियम के बाहर हजारों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध कर रहे थे. विरोध प्रदर्शन करने वाले कह रहे थे कि मोदी राज में जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार का उल्लंघन हो रहा है. मुस्लिमों समेत सभी अल्पसंख्यकों को लोग निशाना बना रहे हैं. लेकिन, इसके उलट पीएम मोदी स्टेडियम के अंदर मौजूद लोगों को भरोसा दिला रहे थे कि भारत में सब अच्छा है. कश्मीर के मुद्दे पर मोदी ने कहा कि वे सभी को बराबरी का अधिकार दिलाना चाहते हैं. इसलिए धारा-370 हटाया गया है.

चाइना डेलीः कश्मीर में तनाव के बीच मोदी ह्यूस्टन में कर रहे हैं रैली

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर में मौजूद तनाव के बीच ह्यूस्टन में रैली कर रहे हैं. उनका साथ दे रहे हैं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. दोनों नेता एकदूसरे की तारीफ कर रहे थे. जबकि, स्टेडियम के बाहर हजारों लोग कश्मीर मुद्दे को लेकर मोदी का विरोध कर रहे थे. कश्मीर मुद्दे को लेकर अभी भारत और पाकिस्तान के बीच भी तनाव है. दोनों देशों ने एकदूसरे के साथ व्यापार रोक रखा है. ट्रेन रोक रखी है. दोनों देशों की सीमाओं पर अक्सर गोलीबारी होती रहती है. जबकि, ट्रंप कहा रहे हैं कि मोदी के राज में भारत विकास कर रहा है. उसके संबंध कई देशों के साथ अच्छे हैं.

डॉनः ट्रंप-मोदी दोस्ती दिखा रहे और लोग कर रहे विरोध प्रदर्शन

जब पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाउडी मोदी के मंच से अपनी दोस्ती की बातें कर रहे थे, ठीक उसी समय स्टेडियम के बाहर कुछ लोग कश्मीर मुद्दे को लेकर विरोध कर रहे थे. विरोध-प्रदर्शन करने वाले लोग विभिन्न समुदायों के थे. वे कह रहे थे कि मोदी जातिवादी हैं. तीन संगठनों ने मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है. इसमें ज्यादातर मुस्लिम और पाकिस्तानी हैं. जबकि, मोदी के पक्ष में भी सिख समुदाय के लोग प्रदर्शन कर रहे थे. ये लोग मोदी सरकार द्वारा कश्मीर में उठाए गए कदम का समर्थन कर रहे थे.