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Maruti Suzuki के डिस्काउंट है सर्वश्रेष्ठ – Rs 1.13 L तक बचाने से न जाये चूक



भारत में ऑटोमोबाइल कम्पनियाँ इस कदर मंदी के दौर से गुजर रही है कि अब तो बस उन्हें डिस्काउंट ही एकमात्र सहारा नजर आता है. आलम ये है कि कई मॉडल्स पर तो स्टीकर प्राइस से 29% तक का डिस्काउंट मिल रहा है.

ऐसा नहीं है कि पहले डिस्काउंट की पेशकश नहीं की जाती थी. दरअसल ये दिसंबर के महीने में मिलता था जिससे ऑटोमेकर्स व डीलर्स नये साल से पहले इन्वेंटरी खाली कर सके. पर अभी तो पूरे साल छाई है डिस्काउंट की बहार! अगर आपको नई कार लेनी है तो इससे बेहतर समय और क्या होगा!

देश के अग्रणी ऑटोमेकर Maruti Suzuki डिस्काउंट देने में भी अग्रणी बने हुए हैं. ये प्रति कार पर INR 30K-1.2 lakhs तक डिस्काउंट दे रहे हैं. ऐसा भी नहीं है कि Maruti अपने S-Cross सरीखे slow-moving high-cost प्रोडक्ट्स पर ही डिस्काउंट दे रहे हैं बल्कि अपने Alto सरीखे entry-level models पर भी 18-20% का डिस्काउंट दे रहे हैं.



Maruti Suzuki discount offers

Source – Maruti Suzuki

नम्बर्स की बात करें तो Maruti के प्रत्येक मॉडल पर INR 1,816 से INR 16,941 तक डिस्काउंट की पेशकश की गई है. उम्मीद है कि ये संख्या बढ़ेगी. वैसे आश्चर्य नहीं होना चाहिये कि इससे आर्गेनाइजेशन का प्रॉफिट भी बढ़ा है.

Maruti के सेल्स व मार्केटिंग के हेड; शशांक श्रीवास्तव का कहना है कि डिस्काउंट की बदौलत इन्क्वायरी बढ़ी है. जुलाई से बेहतर सेल्स अगस्त में हुई है. शायद ये डिस्काउंट का ही कमाल है कि मंदी के हालात में भी सेल्स तो जारी है ही!

न सिर्फ Maruti बल्कि सभी ऑटोमेकर्स अपने व्हीकल्स पर शानदार डिस्काउंट दे रहे हैं. Toyota ने Yaris पर INR 2.5 lakhs का तो Honda ने CRV पर INR 4 lakhs के डिस्काउंट की पेशकश की है. Renault ने Captur पर व Nissan ने Kicks पर INR 1.5 lakhs का डिस्काउंट घोषित किया है. दूसरे मॉडल्स पर भी डिस्काउंट की कमी नहीं है.

वैसे इंडस्ट्री के इस ओवरआल स्लोडाउन के कई कारण जिम्मेदार है. आगामी BS-VI norms ने कस्टमर्स को भ्रमित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. ज्यादातर को उम्मीद है कि फरवरी-मार्च 2020 में जब डीलर्स अपना BS IV वाला स्टॉक निपटायेंगे तो बंपर डिस्काउंट मिलेगा. इसी वजह से लोग इंतजार में बैठे है.

EVs के लिए जो उदार पोलिसीज अपनाई गई है; वे भी मंदी का कारक है.  EVs के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है और कस्टमर्स को उम्मीद है कि आने वाले समय में गवर्नमेंट की ओर से बेहतर EVs व customer-friendly SOPs उपलब्ध करवाये जायेंगे. इंश्योरेंस, पार्किंग, व्हीकल रजिस्ट्रेशन, ट्रैफिक वोयलेशन फाइन की बढ़ी कीमतों ने मंदी को हवा दी है.