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साफा बांध घोड़ी पर बैठी दुल्हन की अनूठी पहल बनी चर्चा का विषय

ठग से रुपए लेने के लिए 3 िदन उसके घर के सामने भूखा प्यासा बैठा रहा पीड़ित
  1. बिसाऊ(झुंझुनू): इन दिनों झुंझनू के गांव गांगियासर में घोड़ी पर चढ़ने वाली एक दुल्हन चर्चा का विषय बनी हुई है. इस दुल्हन का नाम है ललीता कंवर. शादियां तो आपने बहुत देखी होगी, परंतु क्या आपने कभी देखा या सुना हैं कि एक लड़की साफा बांधकर घोड़ी पर चढ़कर शादी की कुछ रस्मों को पूरा करने के लिए निकलीं हो. जी हां ये सच हैं. ये अनोखा काम झुंझुनू जिले के गांव गांगियासर कस्बे का अजमेर डिस्कॉम बिसाऊ में तकनीकी कर्मचारी सीताराम चैहान की बेटी ललीता कंवर ने किया हैं. ललीता कंवरा जब गांगियासर कस्बे में घोड़ी पर साफा बांधकर रस्म पूरा करने के लिए निकली, तो लोग आश्चर्यचकित होकर देखते रह गए. ऐसा करने के पीछे उनका एक मकसद है, वह चाहती हैं कि लोगों की सोच बदले, लड़का लड़की समान है.

लड़का व लड़की में भेदभाव नही होना चाहिये. उन्हे आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिये. जिसमें वे काफी हद तक सफल भी रही हैं. वह अपनी शादी से पहले तीन दिन तक बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के संदेश दे रही है.sikar news

मेरे माता-पिता बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के लिए संदेश देते आ रहे: 
ललीता कंवर ने बताया की ग्रामीण इलाकों में लोग टीवी शो या अखबारों में पढ़ने के बजाय एक्शन से ज्यादा प्रभावित होते हैं. मेरे माता-पिता बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के लिए संदेश देते आ रहे है. एक अजमेर डिस्कॉम बिसाऊ में तकनीकी कर्मचारी की बेटी अगर एक्शन ले रही है, तो जरूर इससे सोसायटी में बदलाव आ सकता है. एक महिला का घोड़े की सवारी करना जल्द ही दूसरे परिवार के लोग भी फॉलो करने वाले हैं. अब समाज में यह बात जरूर जाएगी कि शादी के वक्त घोड़ी पर बैठने की रस्म केवल बेटे ही नहीं, बल्कि बेटियां भी अदा करती है.

ललीता कंवर ने रस्म को बदलकर घोड़ी पर सवार होना पसंद किया: 
बिंदोरी भारत की प्रसिद्ध प्रीवेडिंग रस्म बिंदोली से थोड़ी अलग है. इस रस्म में दूल्हा-दुल्हन के संबंधियों को दावत में आमंत्रित किया जाता है, इसलिए दूल्हा लड़की के घर तक घोड़े की सवारी करके हुए आता है. ललीता कंवर ने इस रस्म को बदलते हुए खुद ही घोड़ी पर सवार होना पसंद किया.