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Today News//इस छोटे देश ने हराया था शक्तिशाली देश रूस को, नाम जानकर यकीन नहीं करोगे

बात 1905 की है जब जापान ने रुस पर आक्रमण करके उसे पराजित किया था। जापान के ऐसा करने के पीछे कारण था रुस का उसकी बात मानने से मना कर देना। जापान लम्बे समय से चीन के कुछ क्षेत्रों पर अपना प्रभाव व नियंत्रण चाहता था जिसमें मंचूरिया प्रमुख था। जब रुस को बताये जाने के बाद भी रुस ने जापान की बात का विरोध किया तब जापान ने रुस को सबक सिखाने की योजना बनाई।

तब जापान की नौसेना अत्याधुनिक तकनीक और शस्त्रास्त्रों से युक्त सर्वाधिक शक्तिशाली नौसैनिक बेड़ों में से एक थी। जापानियों ने बान्जाई बान्जाई का नारा देकर रुस के नौसैनिक अड्डे पर प्रचंड प्रहार किया और जापानी सैनिकों ने रुस की नौसेना को रौंद डाला।

 

रुसी ना केवल जापानियों से हारे बल्कि अत्यंत भयावह पराजय का सामना किया और रुस के लिए इस पराजय के दूरगामी परिणाम हुए।

इस पराजय के परिणामस्वरूप रुस की जनता में अपने तत्कालीन नेतृत्व के विरुद्ध घोर रोष उत्पन्न हुआ और कुछ समय पश्चात यही रोष रुस की महान क्रांति के लिए आधार भी बना। देखा जाए तो जापान एशिया की पहली महाशक्ति था और जिस प्रकार से जापानी आगे बढ़ रहे थे, उनका पूरे यूरोप पर नियंत्रण होता।

 

यहाँ प्रवेश होता है धरती के डॉन अमेरिका का। अपना प्रभुत्व दिखाने व जापानियों को रोकने के लिए अमेरिका को मानवता के इतिहास का सबसे बड़ा अपराध करना पड़ा। हीरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराये जाने के बाद ही जापानियों को नियंत्रित किया जा सका। यहाँ जापानी रुक गये और उन्होंने हिंसा, युद्ध आदि से हटकर अपना अलग मार्ग अपनाया और यहाँ भी अपनी योग्यता सिद्ध कर दिखाया।