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Today News//भाजपा सरकार की बड़ी जीत, देश में वापस लौटा ये उग्रवादी ग्रुप, आत्मसमर्पण किया

असम की भाजपा सरकार की बड़ी जीत हुई जिसके तहत आखिरी बोडो उग्रवादी ग्रुप म्यांमार छोड़ कर भारत आया और आत्मसमर्पण कर दिया है। यह असम का आखिरी बोडो मिलिटेंट ग्रुप नैशनल डेमोक्रैटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (S)के है जिसके सदस्यों ने म्यांमार बेस छोड़ दिया और भारत के सामने भारत-म्यांमार पर आत्मसमर्पण कर दिया। अब तक यह संगठन परेश बरुआ के उल्फा के साथ काम करता था। बताया गया है कि करीब 50 सशस्त्र काडरों ने चेयरमैन बी.सौरईग्वरा के नेतृत्व में बड़ी मात्रा में हथियारों के साथ सरेंडर किया है। इन सभी को गुवाहाटी ले जाया गया है।

बताया गया है कि सौरईग्वरा और उसके परिवार को म्यांमार के गांव तामू से लाया गया।

 

दूसरे ग्रुप ने अपने महासचिव बी.आर. फरेंगा के साथ सीमा पार कर लॉन्गवा गांव में आत्मसमर्पण किया। गौरतलब है कि बोडो मिलिटेंट्स के आखिरी ग्रुप का वापस आना बोडोलैंड टेरिटोरियल कांउसिल के मुख्य प्रशासक हगरमा महिलरी की पहल और भारत-म्यांमार की जॉइंट कोशिशों से मुमकिन हुआ है।

आपको बता दें कि महिलरी पहले मिलिटेंट लीडर थे और अब बोडो लिबरेशन टाइगर्स का नेतृत्व करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है कि बोडो समूहों को मुख्यधारा में लाना है। साथ ही संविधान के शेड्यूल 6 के तहत बोडो ऑटोनॉमस काउंसिल एरिया से मिलिटेंट्स को बाहर करना है। महिलरी ने कहा है कि उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से सभी संगठनों को केंद्र की शांतिवार्ता में बुलाने की अपील की। शांति समझौते में सभी समूहों के नेताओं का शामिल करने को कहा गया।

महिलरी बोडोलैन्ड पीपल्स फ्रंट के भी अध्यक्ष हैं और भाजपा की गठबंधन सरकार में सदस्य भी हैं। महिलरी ने कहा है कि सरकार ने उन्हें शांति प्रक्रिया स्थापित करने का अधिकार दिया है। एनडीएफबी (एस) के प्रेसिडेंट सौरईग्वरा और बी बिदई शांतिवार्ता में हिस्सा लेंगे। बता दें कि उल्फा, कामतपुर लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (असम), मणिपुर पीपल्स आर्मी, कांग्लेई यावोल कन्ना लूप, पीपल्स लिबरेशन आर्मी और पीपल्स रेवलूशनरी पार्टी ऑफ कंलईपक (मणिपुर) म्यांमार में अभी भी सक्रिय हैं।