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Today News//Rajasthan Panchayat Election: 97 साल की विद्या देवी और पाकिस्तान मूल की नीता कंवर बनीं सरपंच

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जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण के नतीजे आ गए हैं और इसमें दो चर्चित चेहरे सरपंच बनने में कामयाब हो गए है। शुक्रवार को मतदान के बाद देर रात घोषित परिणाम में सीकर के पुराना बास गांव की रहने वाली 97 वर्ष की विद्या देवी और टोंक के नटवाडा पंचायत की पाकिस्तानी मूल की नीता कंवर सरपंच बनने में कामयाब हो गईं हैं। इस चुनाव में इन दोनों की दावेदारी पर सभी की नजर बनी हुई थी। पंचायच चुनाव के पहले चरण के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ था। इसके तुरंत बाद ही मतगणना भी हो गई थी। मतगणन के परिणाम देर रात घोषित हुए।

97 साल की उम्र में बनी सरपंच

राज्य के पंचायत चुनाव में दो चेहरे काफी चर्चित रहे थे।

इनमें से एक सीकर जिले के नीमकाथाना तहसील के पुरान बास ग्राम पंचायत से विद्या देवी ने सरपंच पद का चुनाव जीत लिया है। 97 वर्ष की विद्या देवी राजस्थान की सबसे अधिक उम्र की सरपंच बन गई है। अपनी जीत के बाद नवनिर्वाचित सरपंच विद्या देवी ने अपनी जीत का श्रेय भगवान के साथ-साथ ग्रामीणों को दिया है।

विद्या देवी ने अपनी जीत पर कहा कि वे गांव के विकास के लिए कार्य करेंगी और स्वच्छता पर उनका सबसे ज्यादा जोर रहेगा। विद्या देवी ने कहा कि वे सबसे पहले गांव की साफ-सफाई करवाएंगी और गांव में पीने के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था समेत गरीबों के हित के लिए काम करेंगी। इसी गांव में 55 साल पहले उनके पति स्वर्गीय मेजर शिवराम सिंह को ग्रामीणों ने निर्विरोध सरपंच बनाया था. वहीं उनके ससुर सूबेदार सेडूराम भी 20 साल सरपंच रहे थे। विद्या देवी स्वच्छता, स्वच्छ पानी एवं विधवा पेंशन जैसे मुद्दों पर चुनाव मांग रही थी।

नीता कंवर भी बनी सरपंच

इसी चुनाव का दूसरा चर्चित चेहरा पाकिस्तानी मूल की नीता कंवर थी जो टोंक के निवाई तहसील की नटवाडा ग्राम पंचायत से सरपंच पद की दावेदार थी। नीता कंवर भी चुनाव जीत गई है। वे नटवाडा गांव की बहु है। उन्होंने 362 वोटों से जीत हासिल की है। उन्हें पांच माह पहले ही भारत की नागरिकता मिली है।

हालांकि उनकी कॉलेज की पढाई अजमेर से ही हुई है। उनके ससुर लक्ष्मण करण राठौड इस गांव के तीन बार सरपंच रह चुके है। उन्हीं ने नीता कंवर को चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने की प्रेरणा उन्हें उनके ससुर ठाकुर लक्ष्मण करण से मिली। अब वे गांव के विकास और यहां शिक्षा व स्वास्थ्य की बेहतर व्यवस्थाएं करने के लिए काम करना चाहती है।