10 to 15 percent of people who have recovered from corona are still struggling with other problems | कोरोना से ठीक हुए 10 से 15 प्रतिशत लोग अब भी अन्य समस्याओं से जूझ रहे, कमजोरी, डिप्रेशन और अनिद्रा जैसी शिकायतें ज्यादा


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नई दिल्ली28 मिनट पहले

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थकावट सबसे ज्यादा सामान्य लक्षण पाया गया। देशभर में सबसे अधिक 12.5% मरीजों ने इसकी शिकायत की। - Dainik Bhaskar

थकावट सबसे ज्यादा सामान्य लक्षण पाया गया। देशभर में सबसे अधिक 12.5% मरीजों ने इसकी शिकायत की।

देश में कोविड-19 से रिकवर होने वाले लोगों की संख्या 3 करोड़ से अधिक हो चुकी है। इनमें से कई लोग लॉन्ग कोविड से जूझ रहे हैं। यानी इनमें ठीक होने के बाद भी कोविड के लक्षण सामने आ रहे हैं। दिल्ली के लोकनायक अस्पताल के मेडिकल कंसल्टेंट प्रो. नरेश गुप्ता कहते हैं कि देश-विदेश में हुए अध्ययनों के नतीजे बताते हैं कि कोरोना से ठीक होने के बाद 10 से 15 फीसदी मरीजों में लॉन्ग कोविड के लक्षण रहते हैं।

सीरो सर्वे में बिना लक्षणों वाले मरीजों में भी इतने ही लोग परेशानी से जूझते मिले हैं। हालांकि देश के दो बड़े अस्पताल समूहों के सर्वे में सामने आया है कि ऐसे मरीजों की संख्या 40% तक है। प्रो. गुप्ता के मुताबिक, बड़ी संख्या में ऐसे मरीज भी हैं, जिनमें ठीक होने के 1-2 महीने बाद कोरोना के लक्षण फिर लौट रहे हैं।

इनमें थकावट, पेट में परेशानी, सुस्ती छाना, सांस लेने में दिक्कत, नींद न आना जैसे लक्षण शामिल हैं। उधर, केंद्र सरकार के स्वास्थ्य महानिदेशक प्रो. सुनील कुमार ने कहा कि ऐसे लोगों की देखभाल व इलाज के लिए निर्देश जारी करेंगे।

अधिकतर ने कहा- सबसे ज्यादा थकावट का सामना कर रहे

  • 40% मरीज लॉन्ग कोविड के लक्षणों की समस्या का सामना कर रहे हैं।
  • 32% में ठीक होने के तीन माह बाद भी लॉन्ग कोविड के लक्षण मौजूद हैं।
  • 11% लोगों में 9 से 12 महीनों बाद भी कोई न कोई लक्षण बने हुए हैं।
  • 9.3% ने मांसपेशियों के दर्द की शिकायत की। गंभीर लक्षणों वाले मरीजों में से अधिकतर ने हांफने की शिकायत की।
  • न्यूरोसाइकिएट्रिक लक्षण जैसे डिप्रेशन, चिंता, याददाश्त कम होना आदि लक्षण भी बताए।
  • 37.3% यानी एक तिहाई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराते समय कम से कम एक बीमारी थी। 23.7% को डायबिटीज और 20.4% को उच्च रक्तचाप की शिकायत थी।

भास्कर EXPLAINER

डॉक्टर के निर्देशन में ब्रीदिंग एक्सरसाइज और वॉक करें, भरपूर पानी पिएं, प्रोटीन खुराक लें

  • लॉन्ग कोविड क्या है?

कोविड के कई मरीज घर पर ठीक हो गए थे। वे रिकवरी के बाद भी कोविड जैसे लक्षणों या नए लक्षणों की शिकायत कर रहे हैं। इसे पोस्ट कोविड सिंड्रोम या लॉन्ग कोविड कहा जाता है। ये लक्षण ठीक होने के 1 से 3 महीनों तक बने रहते हैं।

कुछ मामलों में इसके बाद भी। लोगों को लगता है कि उन्हें फिर कोरोना हो गया है। कोराेना के बाद टीका न लगवाने या पहले डोज के बाद संक्रमित हुए और दूसरी डोज का इंतजार कर रहे लोग भी लॉन्ग कोविड के शिकार हो सकते हैं।

  • क्या-क्या लक्षण दिखते हैं?

बुखार, बदनदर्द, हांफना, कफ, सीने में भारीपन, पेट में परेशानी, जोड़ों में दर्द, सिरदर्द, याददाश्त में कमी, नींद न आना।

  • क्या सक्रिय जीवनशैली कारगर है?

बिल्कुल। डॉक्टर कहते हैं कि दूसरी लहर के बाद लॉन्ग कोविड से जूझ रहे लोगों की संख्या कई गुना बढ़ सकती है। टीकाकरण इन लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। एम्स दिल्ली का कहना है कि डॉक्टर के निर्देशन में ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से फेफड़ों की क्षमता और अंतराल पर वॉक करने से शरीर मजबूत होगा।

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