BJP workers going to participate in the protest were stopped by the farmers, forced to return shouting slogans | प्रदर्शन में भाग  लेने जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को किसानों ने रोका, नारेबाजी करते  हुए वापस लौटने को किया मजबूर


हनुमानगढ़ (पीलीबंगा )एक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक
हनुमानगढ़ जिले  के पीलीबंगा में मक्कासर टोल नाके पर भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध के लिए जमा किसान। - Dainik Bhaskar

हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में मक्कासर टोल नाके पर भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध के लिए जमा किसान।

करीब दस दिन पहले किसानों के BJP कार्यकर्ताओं को श्रीगंगानगर जिले के पदमपुर में वर्किंग कमेटी बैठक में शामिल होने से रोकने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि पीलीबंगा में एक बार फिर BJP कार्यकर्ताओं को किसानों के रोष का सामना करना पड़ा।

मक्कासर टोल नाके पर पिछले कई दिन से विरोध जता रहे किसानों ने भाजपा कार्यकर्ताओं से भरी बस को रोक दिया। कार्यकर्ताओं से भरी यह बस बिजली दरों में वृद्धि तथा पेट्रोल डीजल पर वैट कम करने सहित कई मांगों के संबंध में हनुमानगढ़ में होने वाले प्रदर्शन में भाग लेने के लिए के लिए जा रही थी।

किसानों ने जबर्दस्त नारेबाजी करते हुए हंगाम किया। किसान बस की खिड़कियों से झूलते हुए बस को पीछे ले जाने के लिए मजबूर करते रहे। आखिर BJP कार्यकर्ताओं को किसानों के विरोध के चलते लौटना पड़ा।

पुलिस पहुंची लेकिन नहीं हटे किसान

भाजपा कार्यकर्ता गुरुवार को एक निजी स्कूल की बस और निजी वाहनों से पीलीबंगा से हनुमानगढ़ की ओर रवाना हुए। मक्कासर टोल प्लाजा पर आंदोलनरत किसानों ने बस का घेराव कर इसे आगे जाने से रोक दिया।

अतिरिक्त जाब्ता भेजा लेकिन अड़े रहे किसान

टोल प्लाजा पर बढ़ती तनातनी को देखते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष और युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष ने एसपी को मामले की जानकारी दी। एसपी ने हनुमानगढ़ से एएसपी व अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मौके पर भेजा । परंतु भारी पुलिस बल की मौजूदगी में भी आंदोलनकारी किसानों ने भाजपा कार्यकर्त्ताओं के वाहनों को आगे नहीं जाने दिया।

भाजपा कार्यकर्ता बोले, ‘साजिश के तहत रोका’
घटना से आक्रोशित भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन को देखते हुए साजिश के तहत टोल प्लाजा पर उन्हें रोका गया। उनका आरोप था कि ऐसा करके प्रदर्शन नाकाम करने की कोशिश की गई।

मीडिया प्रभारी अरविंद जोशी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है परंतु किसान आंदोलन के नाम पर अब कुछ लोग अन्य लोगों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस – प्रशासन चाहता तो भाजपा कार्यकर्त्ताओं को हनुमानगढ़ भेजा जा सकता था। परंतु आंदोलनकारी किसानों के आगे पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

उनका कहना था कि मौके पर डबली पुलिस चौकी और पीलीबंगा पुलिस के पहुंचने के बाद भी वाहनों को आगे नहीं जाने दिया गया । इससे वाहनों में बैठे भाजपा कार्यकर्त्ताओं को पीछे हटना पड़ा।

खबरें और भी हैं…



Source link

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RSS
Follow by Email