Coronavirus Delta Plus Variant and Vaccine Booster Dose | Lancet Latest Research | डेल्टा वैरिएंट्स से बचने के लिए भी बूस्टर डोज की जरूरी नहीं, इस पर वैक्सीन 95% असरदार, नए वैरिएंट्स को रोकने के लिए वैक्सीन लगवाना जरूरी


  • Hindi News
  • Happylife
  • Coronavirus Delta Plus Variant And Vaccine Booster Dose | Lancet Latest Research

6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

डेल्टा वैरिएंट्स या कोविड से बचने के लिए क्या बूस्टर डोज की जरूरत है? इस सवाल का जवाब अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने अपनी हालिया रिसर्च में दिया। वैज्ञानिकों का कहना है, कोरोना की वैक्सीन डेल्टा वैरिएंट पर भी इतनी असरदार है कि लोगों को बूस्टर डोज लेने की जरूरत नहीं है। लैंसेट जर्नल में पब्लिश रिसर्च में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के वैज्ञानिक शामिल हैं।

वैक्सीन का डोज या बूस्टर क्या है जरूरी?
शोधकर्ताओं का कहना है, अब तक की गई रिसर्च कहती है, कोरोना के हर वैरिएंट पर वैक्सीन असरदार है। कोरोना के अल्फा और डेल्टा जैसे वैरिएंट्स से जूझने वाले मरीजों पर वैक्सीन 95 फीसदी तक असरदार है।

शोधकर्ता और WHO की वैज्ञानिक डॉ. एना मारिया का कहना है, अब तक सामने आए रिसर्च के परिणाम बताते हैं कि वैक्सीन से उन मरीजों की जान बचाई जा सकती है जो कोरोना के खतरनाक संक्रमण के रिस्क जोन में हैं। ऐसे में प्राथमिकता उन लोगों को वैक्सीन देने की होनी चाहिए जिन्हें अब यह नहीं मिल पाई है। अगर बूस्टर से फायदा होता है तो भी वैक्सीन के डोज जरूरी हैं। इस तरह महमारी के खत्म करने के साथ नए वैरिएंट को बनने से रोका जा सकेगा।

एंटीबॉडी कम बनने पर परेशान न हों
रिसर्च रिपोर्ट कहती है, अगर वैक्सीन लगने के कुछ महीने बाद शरीर में एंटीबॉडीज कम हो रही हैं तो इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वैक्सीन का असर कम हो गया है। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि शरीर में एंटीबॉडीज बनने के बाद रोगों से बचाने वाला इम्यून सिस्टम पुराने अनुभवों के आधार पर वायरस को अपनी मेमोरी में कैद कर लेता है। भविष्य में इस वायरस के दोबारा शरीर में पहुंचने पर वह इसे हराने की कोशिश करता है। उसे पहचानने से इंकार नहीं करता, इसलिए एंटीबॉडीज के घटते लेवल से परेशान न हों।

शोधकर्ता एना मारिया कहती हैं, वैक्सीन का असर कोविड के प्रति घट रहा है, वर्तमान में मौजूद रिसर्च इसकी पुष्टि नहीं करती हैं। इसलिए प्राथमिकता के तौर पर वैक्सीन लगवाना जरूरी है। वैक्सीन लोगों के जीवन को सुरक्षित रखेगी।

WHO की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन कहती हैं, वर्तमान में मौजूद सभी वैक्सीन सुरक्षित, असरदार होने के साथ जीवन को बचाने वाली हैं। कोरोना के मामले ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन कराकर घटाए जा सकते हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RSS
Follow by Email