Discovery Of Copper In The Womb Of The Earth, Reached 160 Meters Deep – धरती के गर्भ में तांबे की खोज, 160 मीटर गहराई में पहुंचे!


तीन महीने से जारी खुदाई, गहराई से निकाल रहे मिट्टी का नमूना
पहले भी मिल चुके है अवशेष, निकला तांबा तो शेखावाटी में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

By: Suresh

Published: 22 Jul 2021, 06:12 PM IST

गणेश्वर. धरती के गर्भगृह से नमूने के लिए निकाली जा रही मिट्टी की जांच में तांबा मिला तो भविष्य के सपने सच साबित होंगे। स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। गांव में भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग की ओर से गणेश्वर क्षेत्र में तांबे की खोज को लेकर करीब चार पांच वर्ष पहले एक वर्ष तक धातु की खोज के लिए हवाई सर्वेक्षण हुआ था। दो साल पहले धरातल पर धातु की खोज शुरू हुई पत्थरों के नमूने जांच के लिए भेजे गए। अब क्षेत्र में तीन माह से धरती के गर्भगृह की 160 मीटर गहराई तक की मिट्टी निकाल कर जांच के लिए हैदराबाद जांच के लिए ले जाई जा रही हैं। गौरतलब है कि गणेश्वर क्षेत्र में पुरातत्व विभाग ने कई वर्षों तक खुदाई कर तांबे के तीर, कमान, सिक्के खुदाई में मिल चुके हैं। दो वर्ष पूर्व उत्तरप्रदेश के वाराणसी विश्वविद्यालय की टीम ने भी खुदाई कर पत्थर तांबे की चुडिय़ा मिट्टी के पात्र मानव प्राणी की हड्डियां शोध के लिए ले गई। अधिकारियों ने पांच हजार वर्ष की सभ्यता के अवशेष मिलने का दावा किया था। मोहन जोदड़ो हड़पा सभ्यता कालीन के समय के अवशेष कमान में मिले थे। आज भी गणेश्वर क्षेत्र में पुरातत्व विभाग का संग्रहित क्षेत्र हैं। वर्तमान समय में भूवैज्ञानिक विभाग 10 पॉइंटों पर धरती के गर्भगृह की मिट्टी निकाल कर शोहद कर रहे हैं कि तांबा कितनी मात्रा में मिल सकता हैं। गांव आगरी, रावजी की ढाणी, बड़वाला, गणेश्वर, कालामेडा, कीरो की ढाणी, भूदोली नदी क्षेत्र में जांच के लिए मिट्टी निकाल चुके हैं। अधिकारियों ने कार्य में जुटे कर्मचारियों को संकेत भी दिया। गांव आगरी, बड़वाला, रावजी की ढाणी सहित 6 पॉइंट तांम्बे की खोज के लिए अवल रह सकते हैं।
खेतड़ी कॉपर कारखाना बंद होने की कगार पर
सरकार ने तांबे का कारखाना चालू रखने के लिए इस क्षेत्र में तांम्बे कई खोज शुरू कर दी। अधिकारियों की माने तो तांम्बे की मात्रा 50 प्रतिशत से अधिक मिलती हैं तो क्षेत्र में मालगाड़ी तक का आवागमन हो सकता हैं। जिसका अलवर, खेतड़ी, कॉपर तक जुड़ाव रहेगा। खुदाई कार्य में जुटे मजदूर व कर्मचारियों का कहना था कि बरसात के चलते किसानों द्वारा खेतो में बीज बुवाई को लेकर अब चार माह तक कार्य बंद रहेगा।





Source link

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RSS
Follow by Email