Free Books From Pathyapustak Mandal Not Reached At Panchayat, Udaipur – पंचायत स्तर पर भी नहीं पहुंच पाईं पुस्तकें, आखिर विद्यार्थियों तक कब पहुंचेंगी


– पाठ्यपुस्तक मण्डल की ओर से जून के अंत तक बंट जानी थी प्रथम चरण की पुस्तकें, लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह तक बांटी गई ब्लॉक नोडल को

उदयपुर. कोरोना काल में जिन ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट व ऑनलाइन पढ़ाई की समस्या हो रही है, वहां केवल पाठ्यपुस्तकें ही विद्यार्थियों का भविष्य संवार सकती हैं। लेकिन, यदि ये पुस्तकें भी विद्यार्थियों तक समय पर न पहुंच पाए तो फिर वे किस तरह इस कठिन दौर में अध्ययन जारी रख पाएंगे। दरअसल, नए सत्र 2021-22 के लिए राजकीय विद्यालयों व मदरसों में कक्षा 1 से 12वीं तक अध्ययनरत बालक-बालिकाओं के लिए नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें ब्लॉक स्तर पर भेजी जा चुकी हैं। उदयपुर में पहले दौर में नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण जून के अंतिम सप्ताह तक किया जाना था लेकिन, अभी पंचायत स्तर पर ही पाठ्यपुस्तकें नहीं पहुंच पाई हैं तो फिर विद्यार्थियों के पास पुस्तकें समय पर कैसे पहुंचेंगी।

जुलाई के पहले सप्ताह तक नोडल केंद्रों पर ही पहुंची पुस्तकें

दरअसल, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण जून अंत तक ही हो जाना था लेकिन प्रथम चरण की पाठ्यपुस्तकें जुलाई के पहले सप्ताह तक ब्लॉक नोडल को बांटी गई। वहीं, अब तक ब्लॉक नोडल से पंचायत नोडल तक पाठ्यपुस्तकें नहीं पहुंची हैं। जबकि दो वर्ष पूर्व नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें मण्डल द्वारा सीधी ही पीईईओ केंद्रों पर पहुंचाई जाती थी। वहीं, पिछले साल से ये व्यवस्था बदल दी गई। अब इसके तहत अब ये पुस्तकें पाठ्यपुस्तक मण्डल द्वारा ब्लॉक नोडल पर पहुंचाई जाती है। ब्लॉक नोडल से ये पुस्तकें प्रत्येक पीईईओ तक शिक्षा विभाग द्वारा टेण्डर कर के पहुंचाई जाती हैं। यहां से ये पुस्तकें विभिन्न विद्यालयों में जाएंगी और फिर विद्यार्थियों तक पहुंचेगी।

दोगुना हुआ खर्च
राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेर सिंह चौहान का कहना है नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बालकों के हाथ में अगर समय पर पहुंचेगी तभी उसकी उपयोगिता होगी। राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक मण्डल द्वारा इन पुस्तकों को विद्यालयों में पहुंचाने की जो पिछले वर्ष से नई व्यवस्था की है, उससे समय भी अधिक लग रहा है और सरकार का खर्च भी लगभग दोगुना हो गया है।

नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें सत्र 2021-22

– 26 लाख 1 हजार 4 पुस्तकों का
पहले दौर में आज दिनांक तक बांटी ब्लॉक नोडल को

कक्षा 1 से 8 – 9,25,392
कक्षा 9 से 12 – 7,35, 267

कुल – 16,60,659-

कक्षा पहली से आठवीं – 80 विषय
कक्षा नौ से बारहवीं– 130 विषय

नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें कक्षा 1 से 3 तक – 100 प्रतिशत नई पाठ्यपुस्तकें

कक्षा 4 से 12वीं तक 50 प्रतिशत बालकों को नई पाठ्यपुस्तकें, शेष को पुरानी

– कक्षा 10 व 12 में इस वर्ष नई पाठ्यपुस्तकें

नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण के चरण-
पहला चरण – 21 जून से 30 जून तक

दूसरा चरण – 27 जुलाई से 5 अगस्त तक

इतना होता है खर्च –
पहले का अनुमानित खर्च – पाठ्यपुस्तक मंडलों से जब सीधी पीईईओ तक पहुंचती थी पाठ्यपुस्तकें – लगभग साढ़े सात लाख रुपए

अब का अनुमानित खर्च – पाठ्यपुस्तक मंडल का नोडल ब्लॉक तक पहुंचाने के लिए खर्च – लगभग साढ़े आठ लाख रुपए
– शिक्षा विभाग की ओर से टेण्डर कर पीईईओ तक पहुंचाने का खर्च– लगभग साढ़े आठ लाख रुपए

भार हुआ दोगुना – लगभग 17 लाख रुपए
सरकार पर भार पूर्व में – लगभग 24 करोड़ रुपए

अब भार – लगभग 48 करोड़ रुपए

इनका कहना है…
नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें अभी ब्लॉक नोडल तक मांग के अनुसार पहुंचा दी गई हैं। यहां से पंचायत स्तर पर जल्द ही पहुंचाई जाएंगी। कुछ दिनों में विद्यार्थियों तक भी पहुंच जाएगी।

पुष्पेंद्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक व माध्यमिक व प्राचार्य, डाइट













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