Half The Penalty On Big Electricity Thieves – बड़े बिजली चोरों पर पेनल्टी आधी, ईमानदार उपभोक्ताओं पर बढ़ रहा बोझ


राजस्थान में ये कैसा हाल

भवनेश गुप्ता
जयपुर। बिजली चोरी कर डिस्कॉम्स की आर्थिक कमर तोड़ने वालें बड़े उपभोक्ताओं की पेनल्टी दर आधी हो गई है। इसमें औद्योगिक और कॉमर्शियल दोनों श्रेणी के उपभोक्ता शामिल हैं। ऐसे मामलों में प्रति उपभोक्ता पेनल्टी आंकड़ा 3 करोड़ से ज्यादा पहुंच चुका है, जिसका निस्तारण करने में डिस्कॉम्स के पसीने छूट रहे हैं। डिस्कॉम्स में लागू हुए विद्युत सप्लाई कोड विनियम में पेनल्टी दर आधी की गई है। बताया जा रहा है कि इसके बाद भी न तो बिजली चोरी के मामले कम हो रहे और न ही पेनल्टी चुकाने वालों की संख्या घटी है। इससे सबसे ज्यादा राहत बड़े कॉमर्शियल और औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को होगा, क्योंकि विद्युत चोरी में पकड़े जाने के बाद उनकी ही पेनल्टी सबसे ज्यादा बनती रही है।

दर घटाने के पीछे यह तर्क
-चोरी के अनुपात में पेनल्टी दर अव्यवहारिक थी। बड़े औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं के करोड़ों में पेनल्टी बनती थी, जिसे वे चुका नहीं पाते थे। नतीजा, कनेक्शन कटने के बाद इण्डस्ट्री के बंद होने का खतरा बना रहता था।
-भिवाड़ी सहित अन्य कुछ शहरों में ऐसे मामले ज्यादा हैं और वहां कनेक्शन कटने की स्थिति में संबंधित इण्डस्ट्री के बंद होने की स्थिति बनी।
-पेनल्टी जमा होने की बजाय एफआईआर दर्ज कराने से लेकर कोर्ट में मामला चलता रहता है। वसूली अटकी ही रह जाती है।

अब इस दर से गणना
श्रेणी—अब तक पेनल्टी—अब यह पेनल्टी
आवासीय —— 85— 85
कॉमर्शियल—— 250/600— 125/300
लघु इण्डस्ट्री——200 प्रति शिफ्ट— 100 प्रति शिफ्ट
मध्यम इण्डस्ट्री——200 प्रति शिफ्ट— 100 प्रति शिफ्ट
वृहद इण्डस्ट्री—— 200 प्रति शिफ्ट— 100 प्रति शिफ्ट
(पेनल्टी यूनिट,किलोवॉट/केवीए प्रतिमाह में है)

76 प्रतिशत मामलों में बिजली चोरी करते मिले
-236971 जगह चैकिंग की गई
-181537 जगह चोरी सामने आई
-461.50 लाख रुपए पेनल्टी का आकलन
-137.75 लाख रुपए वसूले गए
-29731 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई
(तीनों डिस्कॉम में जून 2020 से मार्च 2021 तक के बीच चैकिंग की स्थिति)

विद्युत लॉस की स्थिति
वर्ष—जयपुर डिस्कॉम—अजमेर डिस्कॉम—जोधपुर डिस्कॉम
2017-18 — 20.49— 19.76— 19.33
2018-19 — 20.15— 18.26— 21.99
2019-20 — 18.35— 14.48— 20.94
2020-21 — 18.06— 12.89— 21.64
(औसत छीजत प्रतिशत में है)

बिजली चोरी का ईमानदार उपभोक्ताओं पर बोझ
बिजली चोरी, छीजत का बोझ उन उपभोक्ताओं पर आर्थिक भार है जो ईमानदारी से बिजली का उपभोग कर शुल्क जमा करा रहे हैं। बिजली दर निर्धारण में इसका भी आकलन किया जाता है।















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