If you help brothers and sisters in trouble, then it will be easier to connect with their children, understand them, if you support them, then your belongingness will increase. | मुसीबत में भाई-बहनों की मदद करेंगे तो उनके बच्चों से जुड़ना और भी आसान होगा, उन्हें समझें, साथ दें तो अपनापन बढ़ेगा


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3 मिनट पहले

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एक्सपर्ट्स का सुझाव- नई चीज सीखने में मदद करके भतीजे-भतीजियों के मन में बना सकते हैं जगह। - Dainik Bhaskar

एक्सपर्ट्स का सुझाव- नई चीज सीखने में मदद करके भतीजे-भतीजियों के मन में बना सकते हैं जगह।

व्यस्तता के चलते लोग अपने करीबी रिश्तेदारों को वक्त ही नहीं दे पाते। ज्यादातर हालचाल फोन पर ही लिए जाते हैं। या फिर किसी मौके पर बधाई देने के लिए ही बातचीत हो पाती है। ऐसे में भाई-बहनों के बच्चों के साथ घनिष्ठता मुश्किल से ही हो पाती है। मेल-मुलाकात कम होने से वो हमें नहीं समझ पाते और हम भी उनकी पसंद-नापसंद से अनजान रहते हैं। कई बार तो जन्म के तीन-चार साल बाद मिलना हो पाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ तरीके अपनाकर हम परिवार में अपने रिश्तेदारों व उनके बच्चों से बॉन्डिंग बेहतर कर सकते हैं…

चार तरीके जो आपको परिवार के सदस्यों के और करीब ला सकते हैं ताकि वे भी मुसीबत में काम आ सकें

1. उनकी पढ़ाई, दोस्तों और सोशल लाइफ पर चर्चा करेंं
आप मामा हों, चाची या बुआ, भाई-बहनों के बच्चों के साथ बॉन्डिंग बेहतर करने की शुरुआत कभी भी कर सकते हैं। भले ही उनसे दूर या विदेश में क्यों न रहते हों। वर्जीनिया के यूवीए हेल्थ में क्लीनिकल सायकोलॉजिस्ट जोसेफ टैन कहते हैं कि आपको लेकर उन बच्चों की अपेक्षाओं के बारे में भाई-बहनों से पूछ सकते हैं।

उनके पसंदीदा शो, खिलौनों के बारे में बात कर सकते हैं। बच्चे बड़े हैं तो उनकी पढ़ाई-लिखाई, उनके दोस्तों और सोशल लाइफ पर चर्चा कर सकते हैं। अगर वे किसी समस्या से जूझ रहे हैं तो उबरने में मदद कर सकते हैं। ताकि उन्हें भरोसा हो सके कि कोई उनके साथ है। बच्चे छोटे हैं तो देखभाल में मदद कर सकते हैं। मुसीबत में उनके अभिभावकों की मदद, उन्हें आपसे जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी।

2. उनके साथ वक्त बिताने का रूटीन बनाएं

तय करें कि हफ्ते में एक बार बच्चों के साथ जूम पर कहानी पढ़ेंगे। या सालाना छुटि्टयों में उन्हें घर बुलाएंगे। बड़े बच्चों को ई-मेल, चिट्ठी भेज सकते हैं या उन्हें पसंदीदा गिफ्ट दे सकते हैं।

3. रिश्तों में तनाव को बाधा न बनने दें

अगर भाई-बहनों के साथ रिश्तों में तनाव है तो उसे भूलकर नई राह खोलें। अपने किसी चाचा या बुआ के बारे में सोचिए, उन्होंने कैसे गाड़ी सीखने में आपकी मदद की थी या मुसीबत में साथ दिया था।

4. रुचि वास्तविक रखें

बच्चों से ऐसे सवाल पूछें, जिन्हें जानने में ईमानदारी से आपकी रुचि है। विशेषज्ञों के मुताबिक बड़े होने पर उनमें वास्तविक रुचि दिखाने की काफी क्षमता होती है। इसलिए इसमें बनावटीपन लाने की कोशिश न करें। इससे वे आपसे दिल से जुड़ेंगे और बातचीत में अपनापन महसूस करेंगे।

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