In Rajasthan, Land Became Expensive For Central Government Department – राजस्थान में केन्द्र सरकार के विभाग, निगम, बोर्डों के लिए जमीन हुई महंगी


भूमि आवंटन नीति : आरक्षित दर की 165 प्रतिशत तक जमीन की आवंटन दर

जयपुर। केन्द्र सरकार के विभाग और मण्डल, निगम बोर्डों को राजस्थान मेें जमीन महंगी दर पर मिलेगी। राजस्थान सरकार ने भूमि आवंटन नीति में बदलाव कर केन्द्र सरकार व उनके उपक्रमों को जमीन आवंटन की दर तय कर दी है। इसमें राज्य सरकार के विभागों की तुलना में केन्द्रीय विभाग, निगम व अन्य उपक्रमों को आरक्षित दर की 165 प्रतिशत तक दर चुकानी पड़ेगी। सरकार ने पिछले दिनों ही आवंटन नीति में संशोधन कर केन्द्रीय सरकार एजेंसियों के लिए यह प्रावधान जोड़ा है। जबकि, राज्य के सरकारी उपक्रमों के लिए आरक्षित या इससे कम दर पर जमीन आवंटन करना अंकित है। खास यह है कि अब तक केन्द्रीय विभागों को आवंटित जमीन के अधिकतर मामलों में आरक्षित दर से ज्यादा राशि नहीं ली गई। बल्कि, कुछ मामलों में तो रियायती दर पर भी जमीन दी जाती रही है।

नीति में यह जोड़ा
-केंद्र सरकार के विभागों को आरक्षित दर के साथ 15 प्रतिशत अतिरिक्त दर देनी होगी।
-केंद्र सरकार के अधीन निगम, बोर्ड व अन्य उपक्रमों के लिए आरक्षित दर की 150 प्रतिशत दर के साथ 15 प्रतिशत अतिरिक्त दर तय की गई।
(इससे पहले तक नीति में केन्द्रीय सरकार एजेंसियों के लिए जमीन आवंटन दर निर्धारित नहीं थी)

1. केंद्र सरकार के विभाग
प्रावधान – इलाके की आरक्षित दर व 15 प्रतिशत अतिरिक्त या फिर डीएलसी दर व 20 प्रतिशत अतिरिक्त दर पर भूमि आवंटित हो सकेगी।
जमीन की लागत – केन्द्रीय विभाग को 2000 वर्गमीटर जमीन चाहिए। संबंधित इलाके की आरक्षित दर 15000 रुपए प्रति वर्गमीटर है और 15 प्रतिशत अतिरिक्त दर भी जोड़ी जाएगी यानि 2250 रुपए अलग से। इस तरह कुल दर 17250 रुपए प्रति वर्गमीटर हो गई। इस तरह 500 वर्गमीटर जमीन 3.45 करोड़ रुपए की होगी।
अंतर – केवल आरक्षित दर पर ही गणना की जाती तो जमीन 3 करोड़ रुपए मिलती। 45 लाख रुपए अतिरिक्त देने होंगे।

2. केंद्र सरकार द्वारा पोषित मण्डल, निगम व अन्य उपक्रम
प्रावधान – इलाके की आरक्षित दर की 150 प्रतिशत व 15 प्रतिशत अतिरिक्त या फिर डीएलसी दर की 150 प्रतिशत व 20 प्रतिशत अतिरिक्त दर पर भूमि आवंटित हो सकेगी।
जमीन की लागत – केन्द्रीय बोर्ड को 900 वर्गमीटर जमीन चाहिए। उस इलाके की आरक्षित दर 12000 रुपए प्रति वर्गमीटर है। लेकिन जमीन आवंटन राशि की गणना आरक्षित दर की 150 प्रतिशत राशि यानि 18000 रुपए (12000 + 6000) और 15 प्रतिशत अलग से यानि 1800 रुपए प्रति वर्गमीटर और जोड़ेंगे। इस तरह कुल आवंटन दर 19800 रुपए (18000 + 1800) प्रति वर्गमीटर हो गई। नौ सौ वर्गमीटर जमीन के लिए करीब 1.78 करोड़ रुपए देने होंगे।
अंतर – केवल आरक्षित दर पर ही गणना की जाती तो जमीन 1 करोड़ 8 लाख रुपए में मिलती। 70 लाख रुपए अतिरिक्त देने होंगे।
(हालांकि, सरकार चाहे तो नि:शुल्क या रियायती दर पर आवंटन भी कर सकती है)









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