Khatushyamji’s Temple Opened – बाबा श्याम के पट खुलते ही उमड़ पड़े श्रद्धालु, जयकारों से फिर गूंज उठी खाटूनगरी


सीकर/ खाटूश्यामजी. बाबा श्याम का विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर कोरोना लॉकडाउन के बाद गुरुवार से दर्शनों के लिए खुल गया। 117 दिन बाद सुबह सात बजे शुरू हुए बाबा श्याम के दर्शनों के साथ ही मंदिर में दर्शनार्थियों का उमडऩा शुरू हो गया।

सीकर/ खाटूश्यामजी. बाबा श्याम का विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर कोरोना लॉकडाउन के बाद गुरुवार से दर्शनों के लिए खुल गया। 117 दिन बाद सुबह सात बजे शुरू हुए बाबा श्याम के दर्शनों के साथ ही मंदिर में दर्शनार्थियों का उमडऩा शुरू हो गया। बाबा श्याम के जयकारों से एक बार फिर खाटूनगरी गूंज उठी। लंबे समय बाद दर्शन करने पर कई श्याम प्रेमी भावुक हो गए। अपने अराध्य को देख उनकी आंखें छलछला उठी। मंदिर में कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक डोज लगवा चुके तथा 72 घंटे के भीतर की आरटी-पीसीआर निगेटिव रिपोर्ट लाने वाले श्रद्धालु को ही ऑनलाइन पंजीकरण के आधार पर मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। पंजीकरण व्यवस्था से अनजान दूरदराज से आए चुनिंदा बुजुर्गों व निशक्तों मानवीयता के आधार पर बिना पंजीयन भी बाबा श्याम के दर्शन करवाए गए। गौरतलब है कि खाटूश्यामजी के लक्खी मेले के बाद कोरेाना की दूसरी लहर को देखते हुए श्याम मंदिर के पट 28 मार्च को बंद किए गए थे। जो 117 दिन बाद गुरुवार को खोले गए हैं।

बाजार में लौटी रौनक
लंबे समय बाद खुले श्याम मंदिर में श्रद्धालुओं की आवक से खाटूनगरी के बाजार में भी रौनक लौटने लगी है। व्यापारियों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से खाटूश्याजी के बाजार को करोड़ों का नुकसान होने के साथ सैंकड़ों लोगों का रोजगार छिन गया। मंदिर खुलने से एकबार फिर अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने की उम्मीद जगी है।

11 घंटे दर्शन देंगे बाबा श्याम
खाटूश्यामजी के दर्शन 11 घंटे किए जा सकेंगे। जो तीन चरणों में होंगे। मंदिर कमेटी के अनुसार सुबह 7 से दोपहर 12 बजे, दोपहर 2 से शाम 5 और 5 से रात्रि 8 बजे तीन चरणों में मंदिर के पट खोले जाएंगे।

इन दिनों में नहीं होंगे दर्शन
कोरोना काल में भीड़भाड़ से बचने के लिए खाटूश्यामजी मंदिर के पट रविवार को नहीं खुलेंगे। इसके अलावा शुक्ल पक्ष की एकादशी व द्वादशी, त्यौहार उत्सव सहित भीड़भाड़ वाले उत्सवों पर मंदिर के पट बंद रखे जाएंगे।

भोग व माला पर प्रतिबंध
खाटूश्यामजी के मंदिर में फिलहाल भोग नहीं चढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर में फूल माला, नारियल, ध्वजा, चरणामृत, तिलक, मोरछड़ी के चढ़ावे पर भी रोक रखी गई है।





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