Mohali’s Guramrit Singh became the national topper with 100 percentile; Ranked in top 18 in JEE Mains. | 100 परसेंटाइल के साथ मोहाली के गुरअमृत ने देश के टॉप-18 में बनाई जगह, IIT मुंबई से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना है लक्ष्य


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चंडीगढ़5 मिनट पहले

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गुरअमृत सिंह का सक्सेस मंत्र है- टीचर्स की बात मानना,समय पर काम खत्म करना, अपने कंसेप्टस को क्लियर रखना और रोज रिविजन करना।यही सलाह वह सभी कंपीटिटिव एग्जाम के एस्पिरेंट्स को देते हैं।  - Dainik Bhaskar

गुरअमृत सिंह का सक्सेस मंत्र है- टीचर्स की बात मानना,समय पर काम खत्म करना, अपने कंसेप्टस को क्लियर रखना और रोज रिविजन करना।यही सलाह वह सभी कंपीटिटिव एग्जाम के एस्पिरेंट्स को देते हैं। 

देर रात करीब सवा 1 बजे JEE मेंस का रिजल्ट घोषित हो गया। देशभर से कुल 44 स्टूडेंट्स ने 100 परसेंटाइल अंक हासिल किए। 18 स्टूडेंट्स की पहली रैंक है, जिसमें मोहाली के गुरअमृत सिंह भी शामिल हैं। उन्होंने 300 में से 300 स्कोर किया है। सेक्टर-74 मोहाली निवासी 18 साल के गुरअमृत सिंह ने भवन विद्यालय सेक्टर-27 से 99.2% के साथ 12वीं (नॉन-मेडीकल) में स्कूल के टॉपर हैं। अब वे 3 अक्टूबर को होने वाले JEE एडवांस की तैयारी में जुट गए हैं। गुरअमृत का लक्ष्य IIT मुंबई से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना है।

पहली कोशिश के बाद नहीं दिया दूसरा
इस साल फरवरी, मार्च, जुलाई और अगस्त में JEE मेंस के एग्जाम हुए थे। हर कैंडिडेट के पास ऑप्शन था कि वह कितनी बार अपियर होना चाहता है। 4 अटेंप्ट्स के बाद फाइनल स्कोर और मेरिट लिस्ट बनती है। गुरअमृत ने फरवरी में जो पहला अटेंप्ट किया था, उसमें ही इनके 300/300 नंबर आए थे, यानि 100 परसेंटाइल हासिल थे। इसलिए उसके बाद गुरअमृत ने कोई दूसरा अटेंम्पट नहीं किया।

पिता के सपनों को पूरा करना है लक्ष्य
एक बातचीत में गुरअमृत सिंह के पिता एक बिजनेसमैन और मां हाउस वाइफ हैं। वहीं छोटा भाई 10वीं का स्टूडेंट है। पिता गुरुदर्शन सिंह और मामा उनकी प्रेरणा हैं। वह बताते हैं कि पिता ने हमें बढ़ाने में कठोर परिश्रम किया है। वे मुझे बचपन से ही स्कूल छोड़ने जाते रहे हैं। बचपन से ही मैं उनके सपनों को पूरा करना चाहता था।

गुरअमृत ने बताया कि 12वीं की ऑनलाइन क्लासेस के अलावा वे हर रोज 7 से 8 घंटे JEE मेंस के लिए तैयारी करते थे। सिर्फ आधा घंटा खेलने के लिए ब्रेक लेते थे। उन्होंने एक प्राइवेट कोचिंग सेंटर से इसके लिए कोचिंग भी ली है। सक्सेस मंत्र है- टीचर्स की बात मानना, समय पर काम खत्म करना, अपने कंसेप्टस को क्लियर रखना और रोज रिविजन करना। यही सलाह वह सभी कंपीटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे छात्रों को देते हैं।

गुरअमृत के बारे में कुछ और…
– सेंट जेवियर्स स्कूल-44 से 97% नंबर्स के साथ की थी 10वीं पास
-10वीं क्लास तक डिस्ट्रिक्ट लेवल क्रिकेट खेला है

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