No need to go round for land diversion, settlement in just one month | जमीन डायवर्सन के लिए अब चक्कर लगाने की जरूरत नहीं, सिर्फ एक माह में ही निपटारा


रायपुर5 घंटे पहले

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रायपुर तहसील में 6 माह या ज्यादा समय से लंबित एक भी मामला नहीं है। - Dainik Bhaskar

रायपुर तहसील में 6 माह या ज्यादा समय से लंबित एक भी मामला नहीं है।

  • रायपुर एसडीएम दफ्तर ने सालभर में डायवर्सन के 12 हजार मामले निपटाए, ऑनलाइन और सिंगल विंडो सिस्टम से प्रक्रिया हुई आसान

राजधानी में सालभर से दो साल तक चलने वाले जमीन के डायवर्सन के केस अब अधिकतम एक माह में निराकृत कर दिए जाएंगे। यही नहीं, रायपुर एसडीएम दफ्तर ने अब डायवर्सन का पूरा सिस्टम ऑनलाइन और सिंगल विंडो कर दिया है। यानी अब लोगों को डायवर्सन के लिए एक बार पूरे दस्तावेजों के साथ आवेदन करने के बाद बार-बार पटवारी-आरआई तथा तहसील दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है।

नया सिस्टम तैयार होने की वजह से डायवर्सन के आवेदन के साथ ही करीब एक माह के भीतर या तो डायवर्सन पट्टा जारी कर दिया जाएगा, या फिर जमीन विवादित रही या नियम-कायदों के दायरे में नहीं हुआ तो केस खारिज हो जाएगा। डायवर्सन के सभी आदेश ऑनलाइन अपडेट हो रहे हैं, ताकि संबंधित व्यक्ति कहीं से भी उसकी काॅपी ले सके। जिले में केवल रायपुर तहसील में ही डायवर्सन के नए आवेदनों में से 207 में ही आदेश होना बाकी है। कोई भी आवेदन एक माह से ज्यादा पुराना नहीं है।

पिछले साल के पेडिंग और इस साल की शुरुआत में 12270 डायवर्सन के मामले लंबित थे, लेकिन अभी 12062 मामलों का निराकरण कर दिया गया है। रायपुर तहसील में 6 माह या ज्यादा समय से लंबित एक भी मामला नहीं है। डायवर्सन के मामले लगातार निपटाने की वजह से राज्य सरकार को पिछले दो वित्तीय साल में यानी 2019 से 31 मार्च 2021 तक 65 करोड़ का राजस्व मिला है। अप्रैल से अब तक 68 लाख रुपए डायवर्सन शुल्क के रूप में मिले हैं।

हर हफ्ते रिकार्ड अपडेट
डायवर्सन के मामलों को लेकर शुरुआत में मंत्री से कलेक्टर तक नाराजगी जाहिर कर चुके थे। इसके बाद ही नया सिस्टम डेवलप किया गया। डायवर्सन का आवेदन मिलने के साथ ही आरआई-पटवारी की रिपोर्ट मिलने तक और उसके बाद लोगों को डायवर्सन पट्टा जारी होने तक हर टेबल की मॉनिटरिंग की जा रही है। किस आरआई-पटवारी के पास कितने आदेश गए कितने की रिपोर्ट आई इसकी हर शुक्रवार को तय मीटिंग में जानकारी ली जाती है। कितनों की चालान फीस कटी और कितने लोगों के हाथों में आदेश गया हर रिकार्ड रोजाना अपडेट होता है।

  • डायवर्सन के लिए हर सेक्टर में बड़ा बदलाव किया गया है। पहली बार ऐसा हो रहा है जब डायवर्सन के मामले घटकर लगभग 200 हो गए हैं। डायवर्सन का आवेदन एक माह में निपटाने की कोशिश है। इसीलिए पेंडिंग केस भी खत्म हो गए हैं। – प्रणव सिंह, एसडीएम रायपुर

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