One Month Mine Safety Campaign For Safe Mining – सुरक्षित खनन के लिए एक माह का खान सुरक्षा अभियान


राज्य के माइंस विभाग ( state’s Mines Department ) की ओर से 15 जुलाई से 14 अगस्त तक समूचे प्रदेश में खान सुरक्षा अभियान ( mine safety ) चलाया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि अभियान के दौरान खनि अभियंता, सहायक खनि अभियंता अपने क्षेत्राधिकार के खनन क्षेत्रों में अधिकतम और न्यूनतम खनिज उत्पादन ( Mineral producers ) करने वाले कम से कम 20 खनन पट्टों/क्वारी लाइसेंस क्षेत्रों का निरीक्षण कर खनन सुरक्षा नियमों ( mining safety regulations ) व प्रावधानों की पाल

जयपुर। राज्य के माइंस विभाग की ओर से 15 जुलाई से 14 अगस्त तक समूचे प्रदेश में खान सुरक्षा अभियान चलाया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि अभियान के दौरान खनि अभियंता, सहायक खनि अभियंता अपने क्षेत्राधिकार के खनन क्षेत्रों में अधिकतम और न्यूनतम खनिज उत्पादन करने वाले कम से कम 20 खनन पट्टों/क्वारी लाइसेंस क्षेत्रों का निरीक्षण कर खनन सुरक्षा नियमों व प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करवाएंगे।
एसीएस माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले दिनों माइंस विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सुरक्षित खनन, पर्यावरण संरक्षण एवं सिलिकोसिस बीमारी पर चिंता व्यक्त करते हुए रोकथाम की आवश्यकता प्रतिपादित की थी। उन्होंने बताया कि इसी तरह से माइंस व गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने विभाग के अधिकारियों के साथ खनिज भवन में आयोजित बैठक में सुरक्षित खनन के लिए आवश्यक प्रावधानों की पालना सुनिश्चि कराने के लिए कदम उठाने पर जोर दिया था।
एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियमावली, 2017 (आरएमएमसीआर), खान संरक्षण एवं विकास नियमावली, 2017 (एमसीडीआर) और मेटलिफेरस माइंस रेगुलेशन 1961 (एमएमआर) के साथ ही माइंस अधिनियम 1952 की विभिन्न धाराओं में सुरक्षित खनन के संबंध में आवश्यक प्रावधान उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान इन नियमों की पालना सुनिश्चि कराने के साथ ही भविष्य में भी इनकी पालना के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान खनन पट्टा व क्वारी लाइसेंस क्षेत्रों के लिए पर्यावरण विभाग द्वारा जारी कंसेट टू ऑपरेट और एनवायरमेंट क्लीयरेंस में निर्देशित प्रावधानों, पर्यावरण व खनिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जारी सुरक्षा प्रावधानों की पालना सुनिश्चि करवाई जाएगी।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियमावली, 2017 में नियमानुसार सुरक्षित एवं वैज्ञानिक विधि से खनिक श्रमिकों के स्वास्थ्य मानकों को ध्यान में रखते हुए खनन गतिविधियां संचालित करने के प्रावधान है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, खनन क्षेत्र की सीमांकन, खनन गतिविधियों के सुपरविजन के लिए क्वालीफाइड व्यक्ति को नियोजित किया जाना आवश्यक है। सुरक्षा मानकों की पालना नहीं करने की स्थिति में खनन गतिविधियों को बंद करवा कर आवश्यक कार्यवाही की जा सकती है।
एसीएस ने बताया कि एमसीडीआर के तहत खनन कार्यों के दौरान वैज्ञानिक विधि से खनिज संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए खनन गतिविधियां संचालित करने का प्रावधान है। अभियान के दौरान इनकी पालना के साथ ही एबेंडोनेड माइंस के पुनर्भरण एवं माइंस क्लोजर प्लान की पालना का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही खानों के ओवरबर्डन या वेस्ट आदि निर्धारित स्थान पर रखने और बेक फिलिंग प्रावधानों की पालना भी देखी जाएगी।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि एमएमआरए 1961 में ओपन कास्ट माइंस की बेंच, हाईट, विड्थ, साइड के स्लोप एंगलए डीप ***** ब्लॉस्टिंग और भारी मशीनरी के उपयोग के संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश है ताकि खनन कार्य सुरक्षित व वैज्ञानिक तरीके से हो सके। उन्होंने बताया कि खान अधिनियम के अनुसार खनिक श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पेयजल व्यवस्था, शौचालय, चिकित्सकीय उपकरण आदि की उपलब्धता होना जरुरी है।







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