Rajasthan government give 5 thousand who help in road accident


सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ितों से मुंहफेर लेने वालों को हतोत्साहित करने के लिए और पीड़ितों को तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए राजस्थान सरकार एक महत्वाकांक्षी योजना लेकर आ रही है। इस योजना के तहत किसी भी दुर्घटना में पीड़ित को मदद पहुंचाने वाले को राज्य सरकार पांच हजार रुपए और एक प्रमाण पत्र जारी करेगा।

By: Anand

Updated: 20 Jul 2021, 10:42 AM IST

जयपुर
सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ितों से मुंहफेर लेने वालों को हतोत्साहित करने के लिए और पीड़ितों को तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए राजस्थान सरकार एक महत्वाकांक्षी योजना लेकर आ रही है। इस योजना के तहत किसी भी दुर्घटना में पीड़ित को मदद पहुंचाने वाले को राज्य सरकार पांच हजार रुपए और एक प्रमाण पत्र जारी करेगा। परिवहन विभाग ने इस योजना को लेकर तैयारी पूरी कर ली है और अब कभी भी इसकी घोषणा की जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो देश में राजस्थान ऐसा करने वाला पहला राज्य होगा। परिवहन विभाग ने इसे योजना का नाम जीवन रक्षक योजना रखा है।
सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की 18वीं बैठक सोमवार को शासन सचिवालय में संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटना को रोकने के लिए कई निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि परिवहन और पुलिस विभाग का मात्र चालान बनाना नहीं है बल्कि दुर्घटनाओं को रोकना हैं। यह हम सबकी बड़ी जिम्मेदारी हैं।
खाचरियावास ने कहा कि सड़क सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर है। कोरोना काल में परिवहन विभाग ने आक्सीजन परिवहन में सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन कर मॉडल स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। अब ठीक उसी तर्ज पर सड़क सुरक्षा में भी राजस्थान सर्वश्रेष्ठ मॉडल स्टेट बनेगा। बैठक में प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार ने अपनी राय रखते हुए कहा कि बड़े ट्रकों के कारण ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। इनकी निगरानी के लिए डैशबोर्ड पर कैमरे लगने चाहिए।
बैठक में नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव कुंजीलाल मीणा ने हाईवे के नजदीक निजी अस्पताल संचालकों को सस्ती जमीन देकर अस्पताल खोलने के लिए प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। इस पर मंत्री खाचरियावास ने तत्काल ही ऐसी जमीन चिंहित करने के निर्देश जारी किए। इस बैठक में बैठक में राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव आनंद कुमार, एडीजी पुलिस स्मिता श्रीवास्तव सहित अन्य विभागों के प्रतिनिधियों, एनजीओ के प्रतिनिधियों और ने भी सड़क सुरक्षा के बेहतर प्रबंधन के लिए सुझाव दिए।

हटाओ बीआरटीएस, खत्म करो ब्लैक स्पॉट

जयपुर में बीआरटीएस कॉरिडोर से दुर्घटनाएं हो रही है। दिल्ली में इसे हटाया जा चुका है। जयपुर में भी कॉरिडोर को तुरंत हटाने की कार्यवाही की जाए। इसके साथ टोल प्लाजा के पास अस्पताल बनाया जाए। इसके लिए राज्य सड़क सुरक्षा परिषद द्वारा केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी को पत्र लिखा जाएगा। टोल के पास अस्पताल और एंबुलेंस होने से घायलों को तुरंत ईलाज मिलेगा। इसके साथ ही हाईवे पर ब्लैक स्पॉट तुरंत खत्म करने का निर्देश भी जारी किया। एनएचएआई अधिकारियों से बात करते हुए खाचरियावास ने कहा कि जयपुर-दिल्ली सहित सभी राजमार्गों पर चल रहे सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाएं और बनावट में सुधार करें। राजस्थान पुलिस,परिवहन, सार्वजनिक निर्माण विभाग और सड़क निर्माण से संबंधित एजेंसी ब्लैक स्पॉट को तुरंत ठीक कराएं और अवैध कटों को तुरंत बंद किया जाए।

तेजगति वाहन का हो आटो जनरेट चालान
खाचरियावास ने कहा कि परिवहन विभाग से राशि आवंटित होने के बावजूद प्राथमिक ट्रोमा सेंटर अभी तक नहीं बन सकें। इसे चिकित्सा विभाग प्राथमिकता में लेकर निर्माण कराएं। इसके अलावा
कॉलोनियों की गलियों में भी सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में कॉलोनियों में स्पीडब्रेकर, व्हाइट पट्टी लगाना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही हाईवे और मुख्य मार्गों पर तेजी गति से चलने वाले वाहनों की निगरानी के लिए कैमरे लगाने और चालान ऑटो-जनरेट कराने जैसे नवाचार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी विभाग स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ बैठक करके सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करें। इसके गांवों में चौराहों और हाईवे से जुड़ने वाले मार्गों लाइट्स लगवाने के निर्देश दिए।






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