Skill Development Centers To Be Established In 352 Gram Panchayat Sami – 352 ग्राम पंचायत समिति में स्किल डवलपमेंट सेंटर्स होंगे स्थापित


फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल का आयोजन
. विश्व युवा कौशल दिवस 2021 आज

जयपुर, 14 जुलाई।
आरएसएलडीसी के चेयरमैन डॉ. नीरज के पवन (Dr. Neeraj K Pawan, Chairman, RSLDC) का कहना है कि स्किलिंग जो पहले शहरों तक सीमित थी, उसे गांव के स्तर तक पहुंचना चाहिए। इस संबंध में राज्य सरकार का लक्ष्य हर ग्राम पंचायत समिति में एक स्किल डवलपमेंट सेंटर (skill development center) स्थापित करके समाज के विभिन्न वर्गों के एक लाख युवाओं को प्रशिक्षित करना है। फिक्की राजस्थान (FICCI Rajasthan) की ओर से आयोजित फ्यूचर ऑफ स्किल्स (future of skills) पर वेबिनार को संबोधित करते हुए उनका कहना था कि राज्य में 11 हजार ग्राम पंचायतें और 352 ग्राम पंचायत समिति हैं। विश्व युवा कौशल दिवस की पूर्व संध्या पर कोविड के बाद दुनिया में कौशल विकास की रूपरेखा को फिर से तैयार करना विषय पर आयोजित वेबिनार में उनका कहना था कि राजस्थान कौशल और आजीविका विकास निगम वर्तमान में इस प्रोजेक्ट के लिए ट्रेनिंग पार्टनर्स को खोजने में लगा हुआ है। अगर हर समिति 200-400 युवाओं को प्रशिक्षित करती है, तो एक लाख युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है। आरएसएलडीसी पहले ही लगभग 4 लाख छात्रों और उनके साथ नामांकित इंटर्न को प्रशिक्षित कर चुका है। इसमें से 2 लाख से अधिक स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री में प्लेस किया गया है।
पेपरलेस सर्विस और सेल्स को बढ़ावा
ऑटोमोटिव स्किल्स डवलपमेंट काउंसिल के प्रेसिडेंट निकुंज सांघी ने कहा कि महामारी के बाद दुनिया इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर आधारित प्रौद्योगिकी को तेजी से अपना रही है। अधिकांश डीलरशिप अब कस्टमर और डीलरशिप स्टाफ के बीच न्यूनतम संपर्क के साथ पेपरलेस सर्विस और सेल्स को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं भारतीय कौशल विकास विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट डॉ. अचिंत्य चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति औपचारिक शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा और इसे लागू करने के प्रयास पर बहुत जोर देती है। हालांकि, नीति की सफलता के लिए उद्योगों के लिए यह आवश्यक है कि वे कुशल शिक्षा की आवश्यकता को पहचानें और जरुरी कौशल वाले लोगों को नियुक्त करें। चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जयपुर रग्स प्राइवेट लिमिटेड एनके चौधरी ने जयपुर रग्स को एक वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करने के अपनी जर्नी को साझा किया। उन्होंने कहा कि कार्य के माध्यम से 70 प्रतिशत, साथियों से 20 प्रतिशत और कक्षा के माध्यम से 10 प्रतिशत सीखने को मिलता है। हमारा उद्देश्य बुनकरों के साथ सीधे काम करके समाज के कमजोर वर्गों का उत्थान करना है।









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