Special Trains Fare – किराया स्पेशल ट्रेनों में सफर करना महंगा, बढ़ा यात्रियों की जेब पर भार


किराया स्पेशल ट्रेनों में सफर करना महंगा, बढ़ा यात्रियों की जेब पर भार

बीकानेर. कोरोना काल में बीते साल रेलवे ने कई ट्रेनें किराया स्पेशल के नाम से शुरू की थी, जिनमें सफर करना आम आदमी के लिए महंगा सौदा साबित हो रहा है। इनका किराया सामान्य ट्रेनों से अधिक है। अब कोरोना की लहर कमजोर होने के बाद स्थितियां सामान्य होने, आवागमन सुचारु होने के बाद भी किराया स्पेशल के नाम इस तरह की ट्रेन चलाई जा रही है। आम यात्रियों को अभी भी सामान्य ट्रेनें चलने का इंतजार है। उत्तर पश्चिमी रेलवे बीकानेर मंडल में भी कई स्पेशल व किराया स्पेशल ट्रेनें चल रही है।

एेसे पड़ रहा महंगा
बीकानेर से श्रीगंगानगर जाने के लिए यदि कोई यात्री श्रीगंगानगर-कोटा ट्रेन में सफर करता है, तो उन्हें स्लीपर श्रेणी में २३५ रपए खर्च करने पड़ते है, लेकिन वही यात्री श्रीगंगानगर-नांदेड़ किराया स्पेशल ट्रेन में गंगानगर का ही सफर करें तो उसे स्लीपर में भी ३८५ रुपए का किराया भुगतना पड़ता है। वहीं वातानुकुलित में १०५० रुपए खर्च करने पड़ते हैं। इसी तरह बीकानेर से कोलकाता के बीच में चलने वाली किराया स्पेशल ट्रेन प्रताप एक्सप्रेस में नोखा तक स्लीपर कोच में सफर करने पर ही ४१५ रुपए खर्च करने पड़ते हैं।

बीकानेर से दिल्ली के बीच में चलने वाली किराया स्पेशल ट्रेन में स्लीपर कोच में ३९५ रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं, वहीं सुबह चलने ट्रेन में ३०५ रुपए ही किराया लगता है। एेसे कई उदाहरण है।

यह है किराया स्पेशल
बीकानेर-सरायरोहिल्ला, बीकानेर-मदुरेई, श्रीगंगानगर-नांदेड़, दुरुस्तो, बाड़मेर-ऋषिकेश, बीकानेर-कोलकाता(प्रताप एक्सप्रेस) बीकानेर-दादर, बीकानेर-बांद्रा साप्ताहिक सहित कई किराया स्पेशल ट्रेन चल रही है।

बोर्ड करता है निर्णय
यह कहा नहीं जा सकता कि सभी तरह की सामान्य ट्रेनें कब तक शुरू होगी। किराया स्पेशल जो चल रही है, या स्पेशल ट्रेनें चल रही है, यह सभी निर्णय रेलवे बोर्ड करता है।

लेफ्टिनेंट शशि किरण, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी उत्तर पश्चिमी रेलवे, जयपुर

किराया पूरा, सुविधाओं में कटौती
&इन ट्रेनों में किराया पूरा वसूला जा रहा है। जो आम यात्रियों के लिए भारी पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर सीनियर सिटीजन, दिव्यांग, महिला, खिलाड़ी, विद्यार्थियों को किसी तरह की छूट नहीं है। इसी तरह कोरोना के चलते रेलवे ने ट्रेनों में यात्रियों को कम्बल, चद्दर, पर्दे, तकिए सरीखी सुविधाएं भी बंद कर दी थी, जो अभी तक शुरू नहीं हुई। आम यात्रियों के लिए सामान्य ट्रेनें रेलवे को शुरू करनी चाहिए। ताकि राहत मिल सके।
अनिल व्यास, जोनल अध्यक्ष नार्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन





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