Thumb-sized ‘sniffing’ sensor can detect if you have BAD BREATH by testing for hydrogen sulfide in your exhaled air | सांसों की दुर्गंध पता लगाने वाली डिवाइस, इस पर फूंकें और ऐप बताएगा दुर्गंध की समस्या है या नहीं; जानिए ऐसा होता क्यों है


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5 मिनट पहले

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  • वैज्ञानिकों का दावा, अब दुर्गंध का पता लगाने के लिए लैब जाने की जरूरत नहीं
  • कहा, दुर्गंध कई तरह की ओरल प्रॉब्लम होने का इशारा है, इसे जल्द पता लगाना जरूरी

अब एक डिवाइस के मदद से यह पता लगाया जा सकेगा कि सांसों में दुर्गंध की समस्या है या नहीं। साउथ कोरिया के वैज्ञानिकों ने अंगूठे के आकार की ऐसी प्रोटोटाइप डिवाइस तैयार की है जो सांस से दुर्गंध आने पर तुरंत अलर्ट करती है। वैज्ञानिकों का कहना है, सांसों में दुर्गंध आना इस बात का इशारा है कि कई तरह की ओरल प्रॉब्लम हो सकती हैं। इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

दुर्गंध का ऐसे पता लगाती है डिवाइस
वैज्ञानिकों का कहना है, मुंह और सांस में गंध के लिए हाइड्रोजन सल्फाइड गैस जिम्मेदार होती है। जो इंसान में बनती है। दुर्गंध का पता लगाने के लिए इंसान को डिवाइस में फूंकना पड़ता है। इस दौरान सांसों के जरिए डिवाइस तक हाइड्रोजन सल्फाइड गैस पहुंचती है। डिवाइस इस गैस को पहचानकर इससे जुड़े ऐप पर नतीजे भेजती है।

दुर्गंध की समस्या को हेलीटोसिस कहते हैं
इसे तैयार करने वाले सैमगंस इलेक्ट्रॉनिक्स और कोरिया एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों का कहना है, नई डिवाइस की मदद से मरीज इस दुर्गंध की समस्या का शुरुआती दौर में इलाज करा सकेंगे। इस समस्या वैज्ञानिक भाषा में हेलीटोसिस कहते हैं।

यह डिवाइस रियल टाइम में जांच के नतीजे देती है। इसके लिए किसी तरह के सैम्पल की जरूरत नहीं होती। हाइड्रोजन सल्फाइड गैस शरीर में बनती है और सड़े हुए अंडे की तरह महसूस होती है।

लैब की जरूरत नहीं, कहीं भी ले जा सकेंगे डिवाइस
वैज्ञानिकों का कहना है, पहले भी ऐसी डिवाइस बनी थी, लेकिन दुर्गंध की जांच के लिए लैब में एक महंगे इंस्ट्रूमेंट पर निर्भर रहना पड़ता था, जो आम इंसान के लिए संभव नहीं है। नई डिवाइस से कोई भी जांच कर सकता है। डिवाइस को कहीं भी ले जाया जा सकता है।

86 फीसदी तक सटीक नतीजे
वैज्ञानिकों का दावा है, यह डिवाइस 86 फीसदी तक सटीज नतीजे बताती है। इसे जल्द ही बाजार में उतारा जाएगा। इसे एक की-रिंग के तौर पर लॉन्च किया जा सकता है ताकि किसी भी जगह पर दुर्गंध की जांच करना आसान हो सके।

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