Unique health card like Aadhaar now; It will contain your complete medical record, you go to any hospital in the country, all the previous reports will be found there. | अब आधार जैसा यूनिक हेल्थ कार्ड; इसमें आपका पूरा मेडिकल रिकॉर्ड होगा, आप देश के किसी भी अस्पताल में जाएं, पिछली सभी रिपोर्ट्स वहीं मिल जाएंगी


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3 मिनट पहलेलेखक: पवन कुमार

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कार्ड में डॉक्टर, हेल्थकेयर वर्कर, लैब, केमिस्ट तक की जानकारी दर्ज होगी। - Dainik Bhaskar

कार्ड में डॉक्टर, हेल्थकेयर वर्कर, लैब, केमिस्ट तक की जानकारी दर्ज होगी।

  • प्रधानमंत्री मोदी इसी महीने कर सकते हैं नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन योजना की शुरुआत

केंद्र सरकार ने यूनिक हेल्थ आईडी कार्ड बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। इस कार्ड में स्वास्थ्य संबंधी सारी जानकारियां दर्ज होंगी। आपको दूसरे राज्य या शहर में जाने पर भी अपनी मेडिकल रिपोर्ट्स साथ ले जाने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि, आपकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री हेल्थ कार्ड में दर्ज होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन (एनडीएचएम) लॉन्च कर सकते हैं।

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन में डॉक्टर्स, अस्पताल, लैब और केमिस्ट तक की जानकारी दर्ज होंगी। इसका पायलट प्रोजेक्ट पिछले साल ही अंडमान-निकोबार, चंडीगढ़, दादर नागर हवेली, दमनदीव, लद्दाख और लक्षद्वीप में शुरू हुआ था। इन राज्यों में यूनिक कार्ड बनने शुरू हो चुकी हैं। अब यह योजना देशभर में लॉन्च की जाएगी।

भास्कर Explainer- डॉक्टर भी आपके कार्ड में दर्ज जानकारियां तभी देख पाएंगे, जब आप उन्हें ओटीपी बताएंगे

  • हेल्थ कार्ड कैसे बनेगा?

योजना की घोषणा होते ही गूगल प्ले स्टोर पर एनडीएचएम हेल्थ रिकाॅर्ड (पीएचआर एप्लीकेशन) उपलब्ध होगा। उसके जरिए रजिस्ट्रेशन होगा। यूनिक आईडी 14 डिजिट का होगा।

जिनके पास स्मार्टफोन नहीं, वो हेल्थ कार्ड कैसे और कहां बनवा सकेंगे?

रजिस्टर्ड सरकारी-निजी अस्पताल, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, प्राइमरी हेल्थ सेंटर, वेलनेस सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर आदि पर कार्ड बनेंगे। वहां सामान्य सी जानकारियां पूछी जाएंगी। जैसे नाम, जन्म की तारीख, मोबाइल नंबर आदि।

  • यूनिक हेल्थ कार्ड का फायदा क्या?

कार्ड में आपके स्वास्थ्य से संबंधित पूरी जानकारी डिजिटल फॉर्मेट में दर्ज होती रहेगी। पूरी मेडिकल हिस्ट्री अपडेट होगी। ऐसे में जब आप किसी अस्पताल में इलाज कराने जाएंगे, तो आपको पुराने सभी रिकॉर्ड वहीं डिजिटल फॉर्मेट में मिल जाएंगी। यही नहीं, अगर आप किसी दूसरे शहर के अस्पताल भी जाए तो वहां भी यूनिक कार्ड के जरिए डेटा देखा जा सकेगा। इससे डॉक्टरों को इलाज में आसानी होगी। साथ ही कई नई रिपोर्ट्स या प्रारंभिक जांच आदि में लगने वाला समय और खर्च बच जाएगा।

  • कार्ड में जानकारियां दर्ज कैसे होंगी?

कार्ड बनने के बाद पिछली सभी रिपोर्ट्स आपको खुद ही स्कैन करके अपलोड करनी होंगी। लेकिन, आगे की सभी रिपोर्ट्स अपने आप अपलोड होती रहेंगी। उदाहरण के लिए जब किसी डिस्पेंसरी या अस्पताल में आपकी जांच आदि होगी तो यह आपके यूनिक आईडी कार्ड में दर्ज 14 डिजिट के यूनिक नंबर के जरिए ये रिपोर्ट्स कार्ड से लिंक हो जाएंगी। अस्पताल में एनडीएचएम कर्मी इसमें आपकी मदद करने के लिए मौजूद रहेंगे।

  • कार्ड में कौन-कौन सी जानकारियां होंगी?

आपके मेडिकल रिकॉर्ड से जुड़ी हरेक जानकारी उसमें दर्ज होगी। यहां तक कि यह भी कि पिछली बार किस दवा का आप पर क्या असर हुआ था, क्या नहीं। दवा बदली गई तो क्यों? इससे इलाज के दौरान डॉक्टर को केस समझने में काफी सहूलियत होगी।

  • दूसरे शहर में डेटा कैसे मिलेगा?

डेटा अस्पताल में नहीं, बल्कि डेटा सेंटर में होगा, जो कार्ड के जरिए देखा जा सकेगा। यूं समझ लीजिए कि अगर आप कहीं इलाज कराने जाते हैं तो यह आपके लिए आधार कार्ड जैसा अहम होगा।

  • क्या हेल्थ डेटा कोई भी देख सकेगा?

नहीं। क्योंकि, कार्ड में दर्ज डेटा तभी देखा जा सकेगा, जब आप उसका ओटीपी नंबर बताएंगे। ओटीपी नंबर तभी जेनरेट होगा, जब कार्ड का 14 डिजिट का नंबर रजिस्टर्ड अस्पताल के कंप्यूटर में दर्ज किया जाएगा। उसके बाद जब ओटीपी भरा जाएगा तो डेटा स्क्रीन पर दिखेगा। लेकिन, इसे न तो कॉपी किया जा सकेगा, न ही ट्रांसफर किया जा सकेगा। उसके बाद जब दूसरा मरीज का डेटा खोजा जाएगा तो पहले मरीज का डेटा लॉक हो जाएगा। इसे दोबारा देखने के लिए फिर से ओटीपी लगेगा।

  • तो क्या डेटा ट्रांसफर हो ही नहीं सकता?

हो सकता है। लेकिन तभी, जब आप सहमति दें। जब कोई आपका डेटा ट्रांसफर करना चाहेगा या देखना चाहेगा तो आपसे ओटीपी मांगेगा। अगर आप मंजूरी नहीं देते हैं तो डेटा नहीं दिखेगा।

  • क्या हेल्थ कार्ड बनवाना अनिवार्य होगा?

यह अनिवार्य नहीं होगा। यह आपकी इच्छा पर निर्भर करेगा कि आप कार्ड बनवाना चाहते हैं या नहीं।
– आरएस शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण

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