US Drone Strike Afghanistan Kabul Update; Children Killed Instead Of ISIS-K Terrorists | NYT ने रिपोर्ट में दावा किया- काबुल में अमेरिकी एयरस्ट्राइक में ISIS-K आतंकी नहीं, बच्चे और आम लोगों की मौत हुई थी


वॉशिंगटन डीसी3 मिनट पहले

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अमेरिका ने ड्रोन से इस कार पर निशाना लगाया था।  हमले में बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हुई थी। - Dainik Bhaskar

अमेरिका ने ड्रोन से इस कार पर निशाना लगाया था। हमले में बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हुई थी।

अमेरिका ने 29 अगस्त को काबुल में जो एयरस्ट्राइक की थी कि उसमें ISIS-K आतंकियों की जगह बच्चों और सामान्य नागरिकों की जान गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की रिपोर्ट के मुताबिक, मरने वाले एक शख्स का नाम एजमराई अहमादी था जो कैलीफोर्निया की एक मददगार संस्था के लिए काम कर रहे थे। NYT ने उस दिन की CCTV फुटेज खंगालने के बाद यह रिपोर्ट पेश की है।

क्या था पूरा मामला
अफगानिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति अशररफ गनी के देश छोड़कर भागने के बाद तालिबान ने 16 अगस्त को अफगानिस्तान पर कब्जा किया था। इसके बाद काबुल एयरपोर्ट पर लोगों की भीड़ लग गई। लाखों लोग अफगानिस्तान छोड़कर जाने के लिए अमेरिकी और NATO देशों के विमानों में जगह पाने के लिए भाग-दौड़ करने लगे।

इसी दौरान तालिबान की जीत से नाखुश ISIS-K यानी इस्लामिक स्टेट खोरासान ने काबुल एयरपोर्ट पर फिदायीन हमला किया जिसमें 13 अमेरिकी सैनिकों की जान गई और 200 के करीब अफगानी नागरिक मारे गए। इस हमले का बदला लेने के लिए अमेरिका ने 29 अगस्त को काबुल के एक रिहाइशी इलाके में ड्रोन से हमला किया था।

पेंटागन ने खारिज किया NYT का दावा
अमेरिका ने कहा था कि यह हमला सफल रहा और ड्रोन ने ISIS-K के आतंकियों की कार को निशाना बनाया जिससे आतंकी काबुल एयरपोर्ट पर अगले फिदायीन हमले की तैयारी कर रहे थे। पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किरबी ने न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि यह स्ट्राइक सही खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी और हमें अब भी भरोसा है कि हम एयरपोर्ट और वहां तैनात हमारे अमेरिकी सैनिकों की जान पर मंडरा रहे खतरे को टाल पाए।

हमले में मारे गए थे 10 लोग काबुल के रहने वाले ऐमल अहमादी ने बताया था कि इस हमले में उनके परिवार के 10 लोग मारे गए थे। इनमें 7 बच्चे थे। मृतकों में एक तो अमेरिकी सेना के लिए काम करता था। अहमादी ने बताया कि हमले में मरने वाले उनके भाई एजमराई अहमादी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे जो कैलीफोर्निया स्थित न्यूट्रिशन एंड एजुकेशन इंटरनेशनल के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने अफगानिस्तान से बाहर निकलने के लिए भी अप्लाई किया हुआ था। ऐमल ने बताया कि हमारा परिवार बेहद साधारण है। आईएस खुरासान से तो दूर-दूर तक लेना-देना नहीं है। मेरा भाई घर के अंदर रॉकेट से मारा गया।

अब न्यूयॉर्क टाइम्स के विशेषज्ञों की तरफ से स्कैन किए गए सिक्योरिटी कैमरा फुटेज में यह सामने आया है कि इसकी बड़ी संभावना है कि अमेरिका ने अहमादी और उनके सहयोगियों को गाड़ी में पानी की बोतलें रखते और अपने बॉस के लिए लैपटॉप उठाते हुए देखा होगा।

NYT का दावा- उस दिन नहीं हुआ था कोई दूसरा हमला
अमेरिका ने अपने हमले की सफाई देते हुए कहा था कि ड्रोन हमले के ब्लास्ट बाद एक और ब्लास्ट हुआ था, जिससे यह साफ हुआ था कि गाड़ी में विस्फोटक पदार्थ रखे थे। हालांकि इस दावे को भी न्यूयॉर्क टाइम्स ने खारिज कर दिया है। NYT ने कहा है कि दूसरे ब्लास्ट का कोई सुबूत नहीं है। हमले वाली जगह पर पास की दीवार में सिर्फ एक निशान आया था। न किसी दीवार या किसी और दरवाजे के परखच्चे उड़े थे, इससे साफ होता है कि उस दिन कोई दूसरा ब्लास्ट नहीं हुआ था।

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