Will the Taliban kill or starve; Prisoners are running the jail, people are forced to sell household items | तालिबान मार डालेगा या भूख मार देगी; कैदी जेल चला रहे, लोग घरेलू सामान बेचने को मजबूर हैं


  • Hindi News
  • International
  • Will The Taliban Kill Or Starve; Prisoners Are Running The Jail, People Are Forced To Sell Household Items

19 मिनट पहलेलेखक: काबुल से भास्कर के लिए नासिर अब्बास

  • कॉपी लिंक
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि 97% से अधिक अफगान आबादी 2022 के मध्य तक गरीबी रेखा से नीचे डूब सकती है। - Dainik Bhaskar

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि 97% से अधिक अफगान आबादी 2022 के मध्य तक गरीबी रेखा से नीचे डूब सकती है।

अफगानिस्तान भीषण मानवीय संकट से गुजर रहा है। हालात यह है कि कैदी जेल चला रहे हैं और घर चलाने के लिए लोग अपने घर के जरूरी सामान बेचने तक को मजबूर हैं। महिला मानवाधिकार कार्यकर्ता खदीजा अहमद बताती हैं कि मैं ऐसे कई परिवारों को जानती हूं जिन्होंने कुछ पैसे कमाने के लिए अपना फर्नीचर और अन्य सामान बेच दिया। काबुल के चमन-ए-होजरी, मजार-ए-शरीफ के बाजारों में ऐसे नजारे आम हैं।

ये बाजार रेफ्रिजरेटर, कुशन, पंखे, तकिए, कंबल, चांदी के बर्तन, पर्दे, बिस्तर, गद्दे, कुकवेयर और अलमारियों से भरे हैं। खदीजा कहती हैं कि लोग दो आशंकाओं से डरे हुए हैं। पहली यह कि तालिबान उन्हें मार डालेगा और दूसरी यह कि भूख उन्हें मार देगी। देश में कीमतों में बढ़ोतरी की निगरानी के लिए अभी तक कोई चेक एंड बैलेंस सिस्टम नहीं है।

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि 97% से अधिक अफगान आबादी 2022 के मध्य तक गरीबी रेखा से नीचे डूब सकती है। उधर, तालिबान को उम्मीद है कि चीन और रूस पश्चिमी आर्थिक सहायता में कमी की भरपाई करेंगे। लेकिन अभी तक दोनों देश इस मुद्दे पर शांत हैं।

सैन्य परिवारों को घर छोड़ने का फरमान, विरोध में सड़क पर लोग

तस्वीर कंधार के जारा फरका की है। तालिबान ने यहां बसे 3000 सैन्य परिवारों को घर छोड़ने का फरमान दिया है। विरोध में हजारों लोगों ने मार्च निकाला। इनका कहना है कि वे मरते दम तक घर नहीं छोड़ेंगे। यहां 10 हजार से अधिक लोग रहते हैं, इनमें कई विधवाएं या सैनिकों की पत्नियां हैं, जो 20 वर्षों में तालिबान के खिलाफ कार्रवाई में मारे गए या घायल हुए हैं।

यहां तीन में से एक शख्स तीव्र भूख का सामना कर रहा है
विभिन्न शहरों में राशन वितरण केंद्रों के बाहर लंबी कतारें हैं। यूएन का अनुमान है कि 3 में से 1 अफगान भुखमरी का सामना कर रहा हैै। अभी 50% आबादी गरीबी रेखा से नीचे है और यह देश विदेशी मदद पर निर्भर था। पश्चिमी देशों के ज्यादातर एनजीओ अब बंद हो चुके हैं। मजार ए शरीफ शहर में रहने वाले किसान मीर वाली बताते हैं कि बीते दो वर्षों से हम सूखे का सामना कर रहे हैं। अब हमारे पास खाने के लिए कुछ नहीं है।

अखुंदजादा और बरादर के नहीं दिखने से अटकलें
तालिबान के दो वरिष्ठ नेता लंबे अरसे से नहीं देखे गए हैं। पत्रकार और आम लोग पूछ रहे हैं कि क्या तालिबान के सर्वोच्च नेता मुल्ला हैबतुल्ला अखुंदजादा और उप प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल अली बरादर जिंदा है? तालिबान के कब्जे के बाद से ही अखुंदजादा को नहीं देखा गया है। अफवाहें तो ये भी हैं कि मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर हुए आपसी झगड़े में मुल्ला बरादर मारा गया है या गंभीर रूप से जख्मी हो गया है।

पंजशीर में तालिबान ने 20 निर्दोष लोगों की हत्या की
तालिबान ने पंजशीर में 20 निर्दोष लोगों की हत्या की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसमें एक दुकानदार भी था। उसने कहा कि वह एक गरीब दुकानदार है और जंग से उसका कोई वास्ता नहीं है। उसे तालिबानी लड़ाकों ने सिम बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया और फिर हत्या कर शव उसके घर के बाहर फेंक दिया। एक अन्य वीडियो में तालिबानी आतंकी पंजशीर की नॉदर्न अलायंस में शामिल शख्स को गोलियों से भूनते नजर आ रहे हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RSS
Follow by Email